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Srinagar News: पहाड़ों पर बर्फबारी ने मैदानी इलाकों को दी गर्मी से राहत

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श्रीनगर में बारिश के दौरान डल झील में नौकाएं। संवाद
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- दो दिन में 10 डिग्री कम हुआ दिन का तापमान, रात का पारा अभी भी 7 डिग्री ऊपर
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में बुधवार को भारी बर्फबारी ने मैदानी इलाकों को गर्मी से राहत दे दी। मैदानी इलाकों में भी कई जगह बारिश हुई। दो दिन में ही अधिकतम तापमान 10 डिग्री तक नीचे आया है। वहीं रात का पारा अब भी गर्म है, यह सामान्य से 7 डिग्री ऊपर है। मौसम विभाग के अनुसार वीरवार को भी हल्की बारिश हो सकती है।
श्रीनगर सहित कई मैदानी इलाकों में बुधवार सुबह मध्यम दर्जे की बारिश हुई। दिन में रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। इससे अधिकतम तापमान में काफी कमी आई। सोमवार को जहां श्रीनगर का अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, बुधवार को यह 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 2.2 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान और बढ़ा यह, 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 7.2 डिग्री अधिक है। कश्मीर के प्रवेश द्वार काजीगुंड में अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री रहा जो सामान्य से 6.3 डिग्री अधिक है।
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पहलगाम में अधिकतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 2.4 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री रहा जो सामान्य से 8.1 डिग्री अधिक है। गुलमर्ग में अधिकतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 6.4 डिग्री अधिक है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 12 मार्च को हल्की बारिश और बर्फबारी की उम्मीद है। 13-14 मार्च को कुछ जगहों पर खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में कहीं-कहीं बारिश या बर्फबारी हो सकती है। प्रशासन ने यात्रियों को पहाड़ी क्षेत्रों में फिसलन भरे रास्तों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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कुपवाड़ा की माछिल घाटी में भारी बर्फबारी

कुपवाड़ा। जिले में माछिल घाटी में बुधवार को भारी बर्फबारी हुई जिससे पूरा इलाका मोटी सफेद चादर में ढक गया। ताजा बर्फबारी से तापमान में काफी गिरावट आई है और इलाके में रोजमर्रा की जिंदगी धीमी हो गई है। अधिकारी सड़क संपर्क और जरूरी सेवाओं को चालू रखने के लिए स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। बर्फबारी ने घाटी की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं लेकिन इससे दूर के इस बॉर्डर इलाके में ट्रांसपोर्टेशन, बिजली सप्लाई और आने-जाने को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं। इस बीच निवासियों ने संबंधित विभागों से किसी भी इमरजेंसी के लिए तैयार रहने और समय पर बर्फ हटाने और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी मदद सुनिश्चित करने की अपील की है। संवाद
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