अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। यूनाइटेड स्टेट्स-इंडिया एजुकेशनल फाउंडेशन की एक घोषणा के अनुसार शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी कश्मीर के कुलपति नजीर अहमद गनई को 2025–2026 के फुलब्राइट नेहरु इंटरनेशनल एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेटर्स (एफएनआईईए) अवार्ड के लिए चुना गया है।
इस चयन के साथ, प्रो. गनई उन भारतीय शिक्षाविद के समूह में शामिल हो गए हैं जिन्हें फुलब्राइट नेहरु कार्यक्रम के तहत यूनाइटेड स्टेट्स (अमेरिका) की उच्च शिक्षा प्रणाली के साथ उच्च-स्तरीय जुड़ाव के लिए चुना गया है। इस कार्यक्रम को यूएस सरकार द्वारा प्रायोजित किया जाता है। एफएनआईईए पुरस्कार वरिष्ठ-स्तरीय अकादमिक प्रशासकों के लिए है और इसमें उच्च शिक्षा प्रणालियों, साझेदारियों और अकादमिक प्रथाओं पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए सेमिनारों, संस्थागत दौरों और यूएस विश्वविद्यालयों तथा सरकारी एजेंसियों के साथ बैठकों में भागीदारी शामिल है।
इस कार्यक्रम के तहत प्रो. गनई से यह अपेक्षा की जाती है कि वे यूएस में स्थित संस्थानों के साथ जुड़कर सहयोग के अवसरों और वैश्विक अकादमिक प्रथाओं का पता लगाएंगे। उनके कार्यकाल के दौरान स्कॉस्ट-के ने अपने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक संपर्कों का विस्तार किया है जिसमें कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ गुएल्फ, ऑस्ट्रेलिया की वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी और और मुर्दोच यूनिवर्सिटी जैसे विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग शामिल है। विश्वविद्यालय ने कृषि में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, अर्थशास्त्र और डाटा साइंसेज जैसे क्षेत्रों में नए अकादमिक कार्यक्रम भी शुरू किए हैं जिनका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में उभरते रुझानों के साथ तालमेल बिठाना है।
अपने चयन पर बोलते हुए प्रो. गनई ने कहा कि वे सम्मानित महसूस कर रहे हैं और उन्होंने इस पहचान को वैश्विक अकादमिक क्षेत्र में विश्वविद्यालय की बढ़ती भागीदारी का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा कि वे अकादमिक मानकों और सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्राप्त अंतर्दृष्टियों को वापस लाने का प्रयास करेंगे।
हाल के मूल्यांकनों में स्कॉसट-के को भारत के अग्रणी राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में स्थान दिया गया है जो अनुसंधान, अकादमिक और आउटरीच के क्षेत्रों में हुए विकास को दर्शाता है।