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Srinagar News: स्किम्स में जेकेएसएसबी व जेकेपीएससी के जरिए 1000 से अधिक खाली पद भर्ती शुरू

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विशेषज्ञ देखभाल को बेहतर बनाने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार और काम करने के तरीकों में बदलाव
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मरीजों का बोझ कम करने और विशेषज्ञ देखभाल में होने वाली देरी को दूर करने के लिए शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) ने जम्मू-कश्मीर सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (जेकेएसएसबी) और जम्मू-कश्मीर पब्लिक सर्विस कमीशन (जेकेपीएससी) के जरिए लगभग 1,100 खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

स्किम्स के निदेशक डॉ. अशरफ गनी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह भर्ती अभियान कर्मचारियों की लगातार कमी को दूर करने के लिए बहुत जरूरी है। इस कमी की वजह से कंसल्टेशन और सर्जरी के लिए इंतजार का समय बढ़ गया था खासकर सुपर-स्पेशियलिटी विभागों में।
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निदेशक ने कहा कि हमने भर्ती करने वाली एजेंसियों को भेजने के लिए लगभग 1,100 पदों की पहचान की है। एक बार जब ये पद भर जाएंगे तो इंस्टीट्यूट मरीजों के आने-जाने को संभालने की बेहतर स्थिति में होगा। हालांकि डॉ. गनी ने कहा कि स्किम्स में इंतजार का समय अब भी जम्मू कश्मीर के बाहर के बड़े संस्थानों की तुलना में कम है। कई बड़े अस्पतालों में प्रतीक्षा का समय महीनों तक खिंच सकता है। स्किम्स में सुपर-स्पेशियलिटीज में यह आमतौर पर छह से बारह हफ्तों के अंदर होता है।

देरी को कम करने के लिए इंस्टीट्यूट भर्ती के साथ-साथ काम करने के तरीकों में भी बदलाव करने की योजना बना रहा है। उन्होंने आगे कहा कि एक बार जब पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध हो जाएंगे तो हम आउटपेशेंट विभागों और ऑपरेशन थिएटरों में डबल शिफ्ट शुरू करने का इरादा रखते हैं। इससे इंतजार का समय काफी कम हो जाएगा।
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कर्मचारियों से जुड़े उपायों के साथ-साथ स्किम्स ने पिछले दो सालों में अपने स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में भी बड़ा सुधार किया है। डॉ. गनी ने कहा कि पुराने और खराब हो चुके उपकरणों को बदल दिया गया है और क्रिटिकल केयर सुविधाओं में जो कमियां थीं उन्हें काफी हद तक दूर कर दिया गया है। हमने पाया कि कई जरूरी मशीनें सालों से नहीं खरीदी गई थीं। पिछले दो सालों में हमने पूरे बजट का इस्तेमाल किया और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों से भी मदद ली।
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