- कश्मीर के युवाओं के लिए बन रहे प्रेरणा, देश के लिए खेलना है सपना
संवाद न्यूज एजेंसी
अनंतनाग। बदलते जम्मू-कश्मीर की तस्वीर बहुत कुछ कह रही है। यहां का यूथ अब अपना मुस्तकबिल खुद तय कर रहा है। अनंतनाग का रहने वाला शादाब हाजी आज कश्मीर के उन युवाओं में शामिल हो चुका है जो अपने जुनून और मेहनत के दम पर नई पहचान बना रहे हैं।
मिश्रित मार्शल आर्ट यानी एमएमए की दुनिया में शादाब लगातार अपनी काबिलियत साबित कर रहा है। जम्मू-कश्मीर में एमएमए का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और कई युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। शादाब हाजी ने बताया कि उन्होंने दिल्ली समेत कई जगहों पर मुकाबले खेले हैं और बचपन से ही खेलों में उनकी गहरी दिलचस्पी रही है। मेरा एक सपना है कि मैं अपने देश के लिए खेलूं और अपने देश का नाम रोशन करूं।
अपने सफर के बारे में बात करते हुए शादाब ने कहा कि वह स्कूल के दिनों से ही खेलों में सक्रिय रहे हैं। मैं अपने स्कूल में भी खेलता था और रोजाना कड़ी मेहनत करता हूं। जिला चैंपियनशिप में भी मैंने हिस्सा लिया। साल 2023 में मेरा एमएमए से परिचय हुआ और तभी से मैंने इस खेल को अपने करियर के तौर पर अपनाया।
कश्मीर के युवा अब खेलों के जरिए नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं और एमएमए जैसे खेलों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।