वर्ष 2022 में रिकॉर्ड एक करोड़ पर्यटक घाटी पहुंचे थे। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 75 स्थान चिह्नित किए हैं। यह जानकारी पर्यटन सचिव सैयद आबिद रशीद शाह ने जश्न-ए-अदब-सांस्कृतिक कारवां कार्यक्रम में दी। उन्होंने बताया कि पर्यटक आमद में इस साल भी कई गुना बढ़ोतरी हुई है।
अनुच्छेद-370 खत्म होने के बाद बदलते जम्मू-कश्मीर में पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2022 में रिकॉर्ड एक करोड़ पर्यटक घाटी पहुंचे थे। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 75 स्थान चिह्नित किए हैं। यह जानकारी पर्यटन सचिव सैयद आबिद रशीद शाह ने जश्न-ए-अदब-सांस्कृतिक कारवां कार्यक्रम में दी। उन्होंने बताया कि पर्यटक आमद में इस साल भी कई गुना बढ़ोतरी हुई है।
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सचिव ने हाल ही में श्रीनगर में आयोजित जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक को विदेशी पर्यटकों के आगमन को बढ़ावा देने में गेम चेंजर बताया है। शाह ने खुलासा किया कि कम ज्ञात स्थलों को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों के पर्याप्त परिणाम मिले हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय संस्कृति का जश्न मनाने के लिए 75 ऑफबीट गंतव्यों को बढ़ावा दिया है। इसके अतिरिक्त 75 गंतव्य आध्यात्मिक और 75 धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने के लिए चिह्नित किए हैं।
शाह ने क्षेत्र की सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से चल रही पहलों के बारे में भी बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को शामिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ट में सक्रिय भागीदारी की ओर इशारा किया और आश्वासन दिया कि एक कारीगर समर्थक नीति पाइपलाइन में थी। इसका लक्ष्य स्थानीय कारीगर समुदाय को लाभ पहुंचाना था।
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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कई प्रयास
पर्यटन सचिव शाह ने कहा कि पर्यटन विभाग की एक टीम ने अहमदाबाद की यात्रा की, जहां क्षेत्र से संबंधित जानकारी हासिल की। इससे पहले कोचीन और चेन्नई का भी टीम दौरा कर चुकी है। वहां पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के उठाए जा रहे कदमों की जानकारी हासिल की है। इन पहलों के जरिये इस बार भी पर्यटकों की आमद में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी की संभावना है।