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बदलाव से जीता विश्वास: लाल चौक पर रैंप वॉक... पीएम मोदी के कटआउट को पहनाया कश्मीरी फेरन

Fri, 22 Dec 2023 03:23 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

लाल चौक में युवाओं ने फेरन पहनकर रैंप वॉक की। एक स्थानीय ने तो पीएम मोदी के कटआउट पर इसे पहना दिया। उसने कहा कि आज हम पीएम मोदी की बदाैलत ही बेखाैफ घूम रहे हैं।
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श्रीनगर - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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कश्मीर की संस्कृति को दर्शाती पोशाक फेरन को विश्वभर में लोकप्रिय बनाने के लिए वीरवार को लाल चौक में घंटाघर के सामने अंतरराष्ट्रीय फेरन दिवस मनाया गया। फेरन अब बदलाव और विश्वास का लिबास बन चुका है। आतंकी वारदातों के लिए बदनाम लाल चौक में युवाओं ने इसे पहनकर रैंप वॉक की। एक स्थानीय ने तो पीएम मोदी के कटआउट पर इसे पहना दिया। उसने कहा कि आज हम पीएम मोदी की बदाैलत ही बेखाैफ घूम रहे हैं। उसने कटआउट पर पीएम के माथे को चूना और कहा कि वह इसे मोदी के लिए भेजेंगे।

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प्रधानमंत्री के कटआउट को फेरन पहनाने वाले जमाल कश्मीरी मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास अल्फाज नहीं हैं कि बता सकें कि वह प्रधानमंत्री मोदी को कितना प्यार करते हैं। आज हम जिस घंटाघर में आराम से बैठे हैं, वहां आने से कभी डर लगता था। यह प्रधानमंत्री की वजह से संभव हो पाया। जमाल कश्मीरी शायर भी हैं।

श्रीनगर - फोटो : बासित जरगर
उन्होंने पीएम मोदी के लिए कश्मीरी में कुछ पंक्तियां कहीं जो कुछ यूं हैं...छू बस अख प्यार मोदी जी, नादार, मोहताजन ह्यूंद दागदार मोदी जी, यि छू सानि तकदीरुक अख शुबवुन तारुक, आव बनिथ शुब्वुन किरदार मोदी जी, सानेन शूरेन छू दीवान अज तालीम जबरदस, अथ कथे मा छू करान कांह इनकार मोदी जी, म्यानी तरफी ऐसनई लच्छी बद नमस्कार, बा खुदा छू बस येमुक हकदार मोदी जी। 

हिंदी में इस कविता का अर्थ है...हैं बस एक प्यार मोदी जी, नादार, मोहताजों के मददगार मोदी जी, यह हमारी तकदीर का चमकता हुआ सितारा हैं, बनके आए एक बेहतरीन किरदार मोदी जी, हमारे बच्चों को आज दी जाती हैं तालीम जबरदस्त, इस बात से करता नहीं कोई इनकार मोदी जी, मेरी तरफ से हो आपको लाखों-करोड़ों नमस्कार, खुदा की कसम बस इसके हकदार मोदी जी। पूरे कार्यक्रम के दाैरान इस शायर ने खूब वाहवाही लूटी।
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श्रीनगर - फोटो : बासित जरगर
विदेश तक पहुंचा फेरन, पर्यटक खरीदकर ले जाते हैं

अंतराष्ट्रीय फेरन दिवस कार्यक्रम का आयोजन कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन एंड डिजाइन (केआईएफडी) और कश्मीर स्कूल ऑफ आर्ट एंड ड्रामा (केएसएडी) द्वारा किया गया था। केएसएडी के अध्यक्ष नासिर अली खान ने कहा कि फेरन कश्मीर की पहचान है। इसको प्रोत्साहन देना अच्छी बात है। यह हमारी संस्कृति में शामिल है। केआईएफडी के अध्यक्ष व फैशन डिजाइनर शाहिद रशीद भट ने कहा कि अब फेरन विदेश तक पहुंच चुका है। जो यहां आता है, वह फेरन लेकर जरूर जाता है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल फेरन डे विश्व भर में मनाया जाना चाहिए। शाहिद ने कहा कि डिजाइनर होने के नाते वह कुछ समय से फेरन को नया रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
भीषण ठंड से बचाव के लिए करते हैं उपयोग

फेरन कश्मीरी लंबा गर्म चोगा है। इसे कश्मीर के लोग भीषण ठंड से बचाव के लिए पहनते हैं। हालांकि अब यह फैशन सिंबल भी बन चुका है। युवा पीढ़ी इसे पहनकर अब दफ्तरों या पार्टी आदि में भी जाने लगी है। न केवल कश्मीर की दुकानों पर बल्कि ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स अमेज़न, फ्लिपकार्ट आदि पर अब फेरन उपलब्ध है। इससे साफ है कि फेरन को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है। विदेशों में बैठे लोग इसे मंगवा भी रहे हैं।
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