अनंतनाग के दो स्थानीय लोग आतंकवादी नहीं थे, वायरल वीडियो को फर्जी बताया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
अनंतनाग। जम्मू और कश्मीर पुलिस ने कुछ मीडिया चैनलों की ओर से फैलाई गई इस बात का खंडन किया है कि वीडियो में देखे गए अनंतनाग के दो स्थानीय लोग आतंकवादी नहीं थे। पुलिस ने वायरल वीडियो को फर्जी और गुमराह करने वाला बताया है।
पुलिस ने कहा कि एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है और कुछ मीडिया आउटलेट्स ने भी इसे अपलोड किया है जिसमें दो लोगों को गलत तरीके से आतंकवादी दिखाया गया है। पुलिस ने साफ किया कि यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठा है। पुलिस के अनुसार वीडियो में दिख रहे दोनों लोग छात्र हैं और जब वीडियो रिकॉर्ड किया गया था तब वे एक स्मार्टफोन खरीदने जा रहे थे। उनकी पहचान को गलत तरीके से दिखाने से बेवजह घबराहट और परेशानी हुई जिसके बाद पुलिस को सफाई देनी पड़ी।
अधिकारियों ने बताया कि युवकों ने पुलिस से संपर्क किया है और फर्जी वीडियो और उससे जुड़े झूठे आरोपों के बारे में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने कहा कि गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सावधानी और जिम्मेदारी बरतने की अपील की है और लोगों से ऐसे बिना वेरिफाई किए और गुमराह करने वाले कंटेंट को शेयर न करने का आग्रह किया है जो निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है। सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ सकता है। पुलिस ने दोहराया कि फर्जी वीडियो और झूठी कहानियां फैलाना एक गंभीर अपराध है और गलत जानकारी के इस खतरे को रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों से सहयोग का अनुरोध किया है।