- नेताओं ने कहा, यह हमला एक ऐसा जख्म है जिसके निशान कभी भी पूरी तरह से नहीं भर पाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर में बुधवार को राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन 26 लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी जो पिछले साल पहलगाम में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए थे। नेताओं ने कहा कि यह हमला एक ऐसा जख्म है जिसके निशान कभी भी पूरी तरह से नहीं भरेंगे।
सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के प्रदेश प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि इस दुखद घटना ने न सिर्फ हमारे दिलों को उदास कर दिया बल्कि हमारी आंखों में आंसू भी ला दिए। इसने हर कश्मीरी को गहरे दुख में डाल दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि कश्मीरी एकजुट होकर खड़े हुए और उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि लोगों की तरफ से एक एकजुट संदेश आया कि पूरा कश्मीर शोक में डूबा हुआ है। लोग हर जगह सड़कों पर उतरे, कैंडल-लाइट मार्च निकाले गए और इस जघन्य हमले की सभी ने निंदा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर और भारत को दोबारा ऐसे किसी हमले का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि हम पहले ही बहुत सी जानें गवां चुके हैं और अब हम और जानें बर्बाद होते हुए नहीं देख सकते। इस घटना के कारण जो आर्थिक हालात पैदा हुए वे भी हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत नुकसानदायक थे। उन्हें उम्मीद है कि सुरक्षा एजेंसियां पूरे कश्मीर में खासकर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगी। यह नया सीजन कश्मीर के लिए, यहां की अर्थव्यवस्था के लिए और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अच्छा साबित होगा।
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पूरा देश उनके बलिदान को नमन करता है। कर्रा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सबसे पहले उन सभी लोगों को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि जिन्होंने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले में अपनी जान गवां दी। हम उनके बलिदान को और उस युवा घोड़ा वाले के असाधारण साहस को सलाम करते हैं जिसने दूसरों की जान बचाने की कोशिश में अपनी जान दे दी। उनकी यादें आतंकवाद के सामने मानवता और बहादुरी के एक जीवंत प्रमाण के रूप में हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी।
उन्होंने कहा कि जब नागरिक लगातार सुरक्षा संबंधी चिंताओं के साये में जीने को मजबूर होते हैं तो लोकतंत्र का वादा कमजोर पड़ता हुआ दिखाई देता है। अब यह धारणा जोर पकड़ रही है कि शासन-प्रशासन पहले से एहतियाती कदम उठाने के बजाय घटना होने के बाद ही प्रतिक्रिया देने वाला बनता जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मोड़ पर राजनेता से यह उम्मीद की जाती है कि वह सोचें, अपनी राह सुधारें और सबसे बढ़कर व्यापक राष्ट्रीय हित में सुनने, समझने और काम करने की इच्छा रखें।
पीपल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और हंदवाड़ा के विधायक सज्जाद लोन ने कहा कि पहलगाम हमले के जख्म हमेशा रहेंगे। उस कायराना आतंकी हमले को हुए एक साल हो गया है। इसके जख्म हमेशा रहेंगे। कैसे बेगुनाह लोगों का खून बहाया गया। आइए, हम एक शांतिपूर्ण जम्मू कश्मीर के लिए उम्मीद करें और कोशिश करें। आइए, हम उम्मीद करें कि आतंकवाद का यह कहर हमारी जमीन से हमेशा के लिए खत्म हो जाए। जो लोग शहीद हुए उन्हें मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।
अपनी पार्टी के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा कि बायसरन घाटी में हुए उस भयानक आतंकी हमले ने, जिसमें पिछले साल 26 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी, हमारे दिलों में एक ऐसा जख्म छोड़ दिया है जो कभी पूरी तरह नहीं भरेगा। आज भी उस दर्द और नुकसान का एहसास बहुत गहरा है। आज, जब हम इस हमले की बरसी मना रहे हैं तो मैं उन सभी लोगों को गहरी श्रद्धा के साथ नमन करता हूं और अपनी दिली श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ जिन्हें हमने खो दिया। मैं प्रार्थना करता हूं कि सर्वशक्तिमान उन्हें शाश्वत शांति प्रदान करें और उनके पीछे रह गए लोगों को हिम्मत दें। उन्होंने कहा कि उनकी यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी, जो हमें एक साथ खड़े रहने, नफरत को नकारने और शांति व मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग रहने की याद दिलाती रहेंगी।
भाजपा ने निकाली रैली, इस दिन को काला दिवस के रूप में याद किया
वहीं भाजपा की जम्मू कश्मीर इकाई ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में एक रैली निकाली ताकि इस दिन को काला दिवस के रूप में याद किया जा सके। भाजपा नेता और पूर्व एमएलसी सोफी यूसुफ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आज उस भयानक नरसंहार को एक साल पूरा हो गया है। हम जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। पीएम मोदी ने पाकिस्तान को यह दिखा दिया है कि अगर उसने कुछ भी किया तो हम उसके घर में घुसकर मारेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी बायसरन में यह रैली करना चाहती थी लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें वहां इसकी इजाजत नहीं मिली। जब तक हम जीवित हैं हम पीड़ितों को अपनी श्रद्धांजलि देते रहेंगे। हम उनके साथ हैं और हम पाकिस्तान के आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब देना चाहते हैं।