श्रीनगर। श्रीनगर के डाउनटाउन में कथबात कार्यक्रम में पहुंचीं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मैं कई परिवारों से मिली। उनके बच्चे पिछले कई सालों से जेल में हैं। वे अंडरट्रायल हैं। हम इन अंडरट्रायल लोगों के लिए कोर्ट गए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कैदियों को स्थानीय जेलों में नहीं लाया गया तो वह इस मानवीय मुद्दे पर इंसाफ के लिए सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेंगी।
मुफ्ती ने कहा कि 2019 के बाद से 3,500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और वे चाहती हैं कि इन लोगों को जम्मू-कश्मीर की जेलों में वापस लाया जाए। कैदियों को दूर के राज्यों की जेलों में रखना उनके परिवारों के लिए आर्थिक और भावनात्मक रूप से विनाशकारी है क्योंकि वे कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए जमीन-जायदाद बेच रहे हैं।
महबूबा ने कहा, हम लगातार देख रहे हैं कि शॉल बेचने वालों या स्टूडेंट्स को कैसे पीटा जा रहा है। कम से कम हिमाचल प्रदेश में कश्मीरियों को ऐसी समस्याओं का सामना नहीं करना चाहिए क्योंकि वहां कांग्रेस सत्ता में है। युवा डिप्रेशन में हैं जिससे ड्रग्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है। मानसिक समस्याओं का सामना करने और उन्हें सुलझाने में कोई शर्म नहीं होनी चाहिए, न कि ड्रग्स का सहारा लिया जाए।