- पार्टी मुख्यालय में अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला की हत्या की कोशिश पर रोष जताया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने वीरवार को पार्टी हेडक्वार्टर में एक आपातकालीन बैठक की। इस दौरान नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर हत्या की कोशिश पर कड़ा रोष जताया गया और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर हमला बताया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए महासचिव हाजी अली मोहम्मद सागर ने डॉ. फारूक की जान लेने के प्रयास को एक खतरनाक साजिश बताया जिसकी तुरंत और निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान बैठक में कहा, डॉ. फारूक अब्दुल्ला जैसे वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता को निशाना बनाना सिर्फ एक इंसान पर हमला नहीं है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने पर सीधा हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं सिक्योरिटी इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और अधिकारियों से बिना देर किए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें सजा देने की अपील की।
इस मौके पर पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष शौकत अहमद मीर ने हत्या की कोशिश की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया और इसे एकमत से पास किया। इसमें घटना की पारदर्शी जांच की मांग की गई। सुरक्षा में हुई चूक और लापरवाही की भी जांच की जाए ताकि साजिश के पीछे का सच जनता के सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बैठक में मीटिंग में उन सुरक्षा कर्मियों और पार्टी के कार्यकर्ताओं की भी तारीफ की गई जिनके समय पर दखल से डॉ. फारूक की जान बच गई। मीटिंग को संबोधित करने वालों में हाजी अली मोहम्मद सागर, प्रांतीय अध्यक्ष एडवोकेट शौकत अहमद मीर, विधायक हाजी मुबारक गुल, शमीमा फिरदौस, अली मोहम्मद डार, सलमान अली सागर, इमरान नबी डार, जगदीश सिंह आजाद और मुश्ताक मीर शामिल थे।
बैठक में मुख्य प्रवक्ता और विधायक तनवीर सादिक, नजीर अहमद खान गुरेजी, रियाज बेदार, हिलाल लोन, इंजीनियर सबिया कादरी, सैयद तौकीर अहमद, पीर अफाक अहमद, गुलाम नबी भट, गुलाम नबी वानी तालिबाली, डॉ. मोहम्मद सईद मखदूमी और कई दूसरे नेता भी मौजूद थे।