- पार्टी प्रवक्ता इमरान डार पीडीपी की कैदियों पर राजनीतिक जनहित याचिका की निंदा की
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भारत सरकार से न्यूजीलैंड के साथ नए व्यापार समझौते के तहत सेब आयात करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। नेकां ने कहा, इस कदम से कश्मीरी सेब उद्योग को गंभीर नुकसान हो सकता है।
पार्टी प्रवक्ता इमरान नबी डार ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि अतीत में विदेशी सेब के आयात से स्थानीय किसानों और व्यापारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नए समझौते के तहत आयातित सेब पर कोई टैक्स छूट नहीं दी जानी चाहिए और कश्मीरी सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए उचित टैक्स लगाया जाना चाहिए।
जम्मू और कश्मीर के बाहर के कैदियों की वापसी के संबंध में पीडीपी द्वारा दायर जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बारे में एक सवाल के जवाब में, इमरान ने कहा कि यह याचिका राजनीतिक नाटक और अंक बटोरने के अलावा कुछ नहीं थी। हमने जिस दिन जनहित याचिका दायर की गई थी, उसी दिन कहा था कि यह सिर्फ चुनाव प्रचार की एक कोशिश है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे राजनीतिक प्रकृति का बताया है और स्पष्ट किया है कि अदालतों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जा सकता है। यह पीआईएल बडगाम चुनाव कैंपेन के दौरान जल्दबाजी में दायर की गई थी जिसमें जरूरी दस्तावेज की कमी थी और यह अस्पष्ट और बिना सबूत के दावों पर आधारित थी। इन बातों को सुप्रीम कोर्ट ने भी नोट किया था।