श्रीनगर। जुमा-तुल-अलविदा के मौके पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पूरी कश्मीर घाटी में विशेष नमाज अदा की गई। इस दौरान लाखों हाथ उठे और पाक परवर दिगार से मुल्क और दुनिया की सलामती और अमन की दुआ मांगी गई। दुनिया में कई जगह हो रहे फसादों से बचाने की गुहार लगाई और लोगों की सुख-समृद्धि की दुआ की।
श्रीनगर, बांदीपोरा, बारामुला, गांदरबल, पुलवामा, शोपियां, अनंतनाग, बडगाम, कुलगाम और कुपवाड़ा में शुक्रवार को सुबह से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। दोपहर को जुमा-तुल-अलविदा की नमाज के लिए श्रीनगर के हजरत बल से लेकर शोपियां की जामिया मस्जिद, शहर से लेकर गांवों के हर छोटी-बड़ी मस्जिद में काफी संख्या में लोग जमा हुए।
श्रीनगर में करीब सात साल से बंद जामिया मस्जिद के दरवाजे इस जुमा-तुल-अलविदा पर भी बंद रहे। सबसे अधिक नमाजी हजरत बल दरगाह में जमा हुए। यहां नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला सहित कई खास लोग भी नमाज पढ़ने पहुंचे। हजारों की भीड़ ने एक साथ जुमे की नमाज अदा की। नमाज के बाद दुआओं का दौर चला। इनमें भी दुनिया में चल रहे युद्धाें का असर देखा गया। ईरान, फलस्तीन, यूक्रेन सहित दुनियाभर में हो रहे फसाद से बचाने, देश की तरक्की, खुशहाली और अमन-चैन की दुआएं मांगी गईं। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को जुमा-तुल-अलविदा की बधाई दी और ईद के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
लोगों से दान, दया और एकता के कार्य जारी रखने की अपील
बांदीपोरा में भी मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और विशेष नमाज अदा की। यहां सबसे ज्यादा भीड़ अहम शरीफ दरगाह पर देखी गई जहां आस-पास के गांवों और कस्बों से आए लोगों ने सामूहिक नमाज में हिस्सा लिया। उलेमा ने रमजान के आखिरी दिनों के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला और लोगों से दान, दया और एकता के कार्यों को जारी रखने का आग्रह किया।
सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाज अदा की गई
बडगाम की चरार-ए-शरीफ दरगाह, कुपवाड़ा, शोपियां और पुलवामा की जामिया मस्जिद, कुलगाम की सैयद सिमनानिया की दरगाह, बारामुला की बाबा रेशी दरगाह और मस्जिद बैतुल मुकर्रम, अनंतनाग में मस्जिद बाबा दाऊद खाकी और ऐशमुकाम में स्थित जैनुद्दीन वली दरगाह में सबसे ज्यादा लोगों ने नमाज पढ़ी। इसके अलावा सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाज अदा की गई।