श्रीनगर में एमएमयू की बैठक में मीरवाइज और अन्य नेता। संवाद
-जम्मू-कश्मीर के धार्मिक नेताओं ने ईरान के साथ दिखाई एकजुटता
-लोगों से अपने इलाकों में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने के लिए कहा
अमर उजाला ब्यूराे
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में इस्लामिक धार्मिक संगठनों के सबसे बड़े संगठन मुत्तिहदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) संगठन ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत के विरोध में सोमवार को कश्मीर बंद की अपील की है।
एमएमयू ने एक बयान में खामनेई की मौत पर गहरा दुख जताते हुए इसे इस्राइल का खुला हमला बताया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में जम्मू-कश्मीर के लोग ईरान के नेतृत्व और लोगों के साथ दिल से खड़े हैं। एमएमयू के सदस्य मीरवाइज उमर फारूक, मुफ्ती आजम नसीर-उल-इस्लाम, मौलाना मुहम्मद रहमतुल्लाह कासमी, आगा सैयद हसन अल-मौसवी अल-सफवी, डॉ. आदिल लतीफ अल-कांडी, आगा सैयद मुहम्मद हादी, मौलाना मसरूर अब्बास अंसारी ने बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग ईरान के खिलाफ लगातार हमले व छात्राओं की मौत की निंदा करते हैं। यह घटनाएं बहुत परेशान करने वाली हैं।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग सोमवार को अपनी मर्जी से हड़ताल करें लेकिन सुनिश्चित करें कि शांति और व्यवस्था में कोई दिक्कत न हो।