संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। मीरवाइज-ए-कश्मीर उमर फारूक ने मंगलवार को शहर के ईदगाह इलाके में स्थित ऐतिहासिक आली मस्जिद का दौरा किया। उन्होंने मस्जिद में चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का जायजा लिया। काम में लगे लोगों से बातचीत भी की।
इस दौरान मीरवाइज ने वक्फ बोर्ड के अधिकारियों से कहा कि मरम्मत का काम मस्जिद के पुराने वास्तुशिल्प के अनुसार ही किया जाए। हर मस्जिद की अपनी अलग पहचान और ऐतिहासिक महत्व होता है। पहचान के साथ किसी भी तरह का बदलाव नहीं होना चाहिए। जीर्णोद्धार का मकसद संरक्षण होना चाहिए न कि मूल ढांचे में बदलाव। ऐतिहासिक इबादतगाहों की असलियत और विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना जरूरी है।
आली मस्जिद कश्मीर की सबसे पुरानी और दूसरी सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक मानी जाती है। इतिहास के अनुसार इसका निर्माण 15वीं सदी में हुआ था। अधिकांश स्रोत इसे सुल्तान अली शाह (जैन-उल-आबिदीन के बड़े भाई) की ओर से वर्ष 1395 या 1471 ईस्वी में बनवाया गया बताते हैं।