कुलगाम। कैबिनेट मंत्री सकीना इत्तू ने ‘इखवान दौर’ की दर्दनाक यादों को ताजा करते हुए आरोप लगाया है कि उस समय आत्मसमर्पण कर चुके कुछ आतंकी कुलगाम में कई नागरिकों की हत्याओं में शामिल थे।
शनिवार को एक जनसभा में इत्तू ने कहा कि इखवान का दौर कश्मीर के हालिया इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक रहा है जिसमें डर, हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाएं आम थीं। उन्होंने दावा किया कि कुछ पूर्व आतंकी जिन्होंने आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा बलों के साथ काम किया, वे खासकर दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जैसे इलाकों में नागरिकों की लक्षित हत्याओं और डराने-धमकाने में शामिल रहे। मंत्री ने कहा कि उस दौर का असर आज भी कई परिवार झेल रहे हैं। कई मामलों में अब तक न्याय नहीं मिला है। संवाद