संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख के सुदूर इलाकों के 16 शिक्षक महाराष्ट्र के पुणे में इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोथरुड में प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। इसके माध्यम से वे भविष्य के लिए तैयार कक्षाओं का अनुभव प्राप्त रहे हैं और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बन रहे हैं।
दूरदराज क्षेत्रों और मुख्यधारा की शैक्षणिक नवाचारों के बीच की खाई को पाटने की दिशा में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल सेना के ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत आयोजित की जा रही है जो सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा, विकास और सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया जाने वाला एक जनकल्याण कार्यक्रम है। इस पहल के माध्यम से आर्मी गुडविल स्कूल के शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से रूबरू कराया जा रहा है। ये वैश्विक शैक्षणिक रुझानों के अनुरूप हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कक्षा शिक्षण में ऑगमेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी तकनीकों का समावेश करना है ताकि शिक्षकों को ऐसे अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा सकें जो सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और प्रभावी बनाएं। लद्दाख क्षेत्र में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित कनेक्टिविटी और संसाधनों की कमी के बीच कार्य करने वाले शिक्षकों के लिए यह अनुभव एक परिवर्तनकारी शैक्षणिक अवसर साबित हो रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एआर और वीआर आधारित शिक्षण मॉड्यूल, वर्चुअल प्रयोगशालाओं और इमर्सिव कंटेंट निर्माण उपकरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये तकनीकें छात्रों को जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को आसानी से समझने, आभासी वातावरण का अन्वेषण करने और पारंपरिक पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर सीखने में सक्षम बनाकर शिक्षा के परिणामों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं।
कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने का सबसे टिकाऊ माध्यम शिक्षकों को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा, जब शिक्षकों को शिक्षा के नवीनतम विकास से अवगत कराया जाता है तो इसका सीधा लाभ बच्चों को मिलता है। यह पहल भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद लद्दाख के छात्रों को आधुनिक शिक्षण अनुभव उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी।