हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक भव्यता के बीच भारतीय सेना के राष्ट्रीय एकीकरण दौरे ने युवा मनों को
- फोटो : मृतक चंद्रभान शुक्ला।
लेह। सेना के राष्ट्रीय एकीकरण दौरे के अंतर्गत निमू गांव से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों के दल ने रविवर को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला और मैक्लोडगंज में यात्रा के दौरान इतिहास, संस्कृति और प्रेरणा का समृद्ध संगम का अनुभव किया।
धौलाधार पर्वतमालाओं की शांत पृष्ठभूमि में आयोजित इस दौरे ने प्रतिभागियों को भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत और शाश्वत मूल्यों की गहन झलक प्रदान की। यात्रा कार्यक्रम के अंतर्गत दल ने क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाने वाले कई प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया। इनमें भारत के सबसे प्राचीन किलों में से एक भव्य कांगड़ा किला तथा अपनी मनमोहक प्राकृतिक छटा और आधुनिक खेल सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर का एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम शामिल था।
इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पक्ष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव रहा। प्रतिभागियों ने पवित्र त्सुगलाखांग, ऐतिहासिक सेंट जॉन चर्च और शांत वातावरण वाले नॉरबुलिंगका मठ का भ्रमण किया। इन स्थलों ने छात्रों को सौहार्द, मानसिक शांति तथा तिब्बती कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत को समझने का अवसर प्रदान किया।
दौरे का मुख्य आकर्षण थानपीर ब्रिगेड में आयोजित प्रेरणादायक और आत्मीय संवाद रहा। इस सत्र ने प्रतिभागियों पर गहरी छाप छोड़ी जहां सैनिकों ने अपने वास्तविक जीवन के अनुभव साझा करते हुए अनुशासन, साहस, दृढ़ता और निस्वार्थ सेवा के महत्वपूर्ण संदेश दिए।