- मंत्री ने बांदीपोरा में सिंचाई योजनाओं का लिया जायजा, मौसमी मजदूरों को रेगुलराइजेशन का भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदीपोरा। कृषि एवं सिंचाई मंत्री जावेद अहमद डार ने जिले के जलूरा इलाके में सिंचाई ढांचे का जायजा लिया। उन्होंने लाल कुल नहर का निरीक्षण किया और सागीपोरा, तुज्जर और नाथीपोरा-बोमई लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा, लाल कुल नहर के लिए 40-50 करोड़ की योजना है। वहीं लिफ्ट सिंचाई स्कीम आधुनिक होगी।
उन्होंने पंपिंग स्टेशनों, जल आपूर्ति प्रणालियों और कृषि भूमि को पानी देने वाली सिंचाई सुविधाओं के प्रदर्शन का आकलन किया। पत्रकारों से बात करते मंत्री ने कहा कि जलूरा क्षेत्र में पानी की आपूर्ति और सिंचाई की चुनौतियों से निपटने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है। उनके साथ चीफ इंजीनियर सिंचाई एवं मैकेनिकल डिवीजन बारामुला, सुपिरिटेडेंट इंजीनियर, कार्यकारी इंजीनियर और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पुरानी जल आपूर्ति और सिंचाई योजनाओं का फिर से मूल्यांकन किया जा रहा है। लाल कुल सिस्टम की मरम्मत, बहाली और अपग्रेडेशन के लिए करीब 40 से 50 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट में लीकेज बंद करने, पानी पहुंचाने की दक्षता बढ़ाने और टेल-एंड क्षेत्रों तक बेहतर वितरण सुनिश्चित करने पर फोकस रहेगा। मंत्री ने कहा कि विभाग को पानी का बंटवारा वैज्ञानिक तरीके से करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सिंचाई सुविधाओं का लाभ सभी किसानों को बराबरी से मिले।
पुराने पंप स्टेशनों को नई तकनीक से आधुनिक बनाया जाएगा ताकि प्रदर्शन और विश्वसनीयता बेहतर हो। जलूरा लिफ्ट सिंचाई योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल सिर्फ एक पंप काम कर रहा है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही अतिरिक्त पंप लगाया जाएगा। मंत्री ने बताया कि वदूरा और लदशट की योजनाओं के अलावा नेहर जंजीर के लिए 44 करोड़ की नाबार्ड वित्त पोषित परियोजना भी सक्रिय विचार और कार्यान्वयन के अधीन है। इससे क्षेत्र में सिंचाई ढांचे को मजबूती मिलेगी।
मैकेनिकल विभाग के मौसमी कर्मचारियों से बातचीत में मंत्री ने भरोसा दिया कि रेगुलराइजेशन की उनकी लंबे समय से लंबित मांग को सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग समेत संबंधित अधिकारियों के साथ उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी जायज परेशानियों को दूर करने के लिए कोशिश की जाएगी।
मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में सिंचाई ढांचे को मजबूत करने, कुशल जल प्रबंधन सुनिश्चित करने और किसानों को लगातार विकास पहलों से समर्थन देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।