कुपवाड़ा। मनरेगा योजना में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीसी कुने जिले के 22 में से 10 ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स की सैलरी रोकने के आदेश जारी किए हैं।
इन अफसरों पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत तय लक्ष्यों को पूरा न करने का आरोप है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में मनरेगा के तहत ब्लॉकों की प्रगति जांची गई। इस दौरान 10 बीडीओ जॉब जनरेशन, काम को समय पर पूरा करने, मजदूरी का भुगतान और योजना के क्रियान्वयन में पिछड़ते पाए गए। कई ब्लॉकों में काम अधूरे पड़े हैं और मजदूरों को तय समय पर भुगतान भी नहीं मिला है।
डीसी ने खराब प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि ग्रामीण विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने संबंधित अफसरों को तय समय सीमा के भीतर काम में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। संवाद