कश्मीर यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यशाला। स्रोत आयोजक
- फोटो : samvad
श्रीनगर। कश्मीर विश्वविद्यालय (केयू) के महिला अध्ययन और अनुसंधान केंद्र ने मुख्य परिसर में लैंगिक समानता के लिए अंतर-पीढ़ीगत कार्रवाई विषय पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न पीढ़ियों के बीच साझा सीख और जुड़ाव के माध्यम से लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोणों पर विचार-विमर्श करना था।
इस कार्यशाला का लक्ष्य शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों को एक मंच पर लाना था ताकि वे समकालीन लैंगिक चुनौतियों से निपटने में अंतर-पीढ़ीगत संवाद, ज्ञान साझाकरण और सामूहिक कार्रवाई के महत्व पर चिंतन कर सकें। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. नीलोफर खान ने लैंगिक न्याय की पहलों को मजबूत करने में समावेशी संवाद के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दो-दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञों और शिक्षाविदों द्वारा लैंगिक समानता, अंतर-पीढ़ीगत संवाद, नीतिगत दृष्टिकोण और समकालीन लैंगिक चुनौतियों के विभिन्न पहलुओं पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। ब्यूरो