श्रीनगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय में हिमाचल के मुख्यमंत्री सुक्खू और तारिक हमीद कर्रा। अमर उजाल
- जेकेपीसीसी अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने गिनाईं अमेरिकी डील की कमियां
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने वीरवार को कांग्रेस मुख्यालय में एक बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ हिमाचल के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। कर्रा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के 10 हजार करोड़ रुपये के हॉर्टिकल्चर सेक्टर को विदेशी समझौतों से तुरंत बचाने की जरूरत है।
कर्रा ने कहा कि यहां हर चार में से एक आदमी सीधे या परोक्ष इस सेक्टर पर निर्भर है, चाहे वह बागों, पैकिंग हाउस, ट्रांसपोर्ट, कोल्ड स्टोरेज चेन या दूसरे कामों के जरिए हो। अगर हम बिना सही सुरक्षा उपायों के इम्पोर्ट की इजाजत देते हैं तो हम एक आर्थिक तबाही की ओर बढ़ रहे हैं। कर्रा ने सब्सिडी वाली अमेरिकन वैरायटी के आने की संभावना पर गंभीर चिंता जताई और चेतावनी दी कि इससे लोकल मार्केट अस्थिर हो सकता है।
जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को जम्मू और कश्मीर भेजा है। वह इस व्यापार से जुड़े लोगों का दर्द जानते हैं। उन्हें यहां स्थिति की गंभीरता को समझने और इन समझौतों के इलाके की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले बुरे असर पर पार्टी की चिंताओं को बताने के लिए भेजा गया है। हम फेयर ट्रेड के खिलाफ नहीं हैं लेकिन यहां बागवानी सिर्फ एक कमर्शियल काम नहीं है, यह एक लाइफलाइन है। कोई भी समझौता जो उस लाइफलाइन को खतरा पहुंचाता है, उस पर उतनी ही जल्दी दोबारा विचार किया जाना चाहिए जितनी वह हकदार है।