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Srinagar News: पांपोर में रेशम उत्पादन और शोध को समझने पांपोर और मानसबल पहुंचा जापानी दल

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पांपोर पहुंचे जापानी वैज्ञानिक। स्रोत आयोजक
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अमर उजाला ब्यूरो
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श्रीनगर। रेशम उत्पादन क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत और जापान के विशेषज्ञों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पांपोर स्थित सेंट्रल रेशम उत्पादन रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच चल रहे भारत-जापान सहयोगी रिसर्च प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा करना और उन्नत तकनीकों का आदान-प्रदान करना था।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जापान के नेशनल एग्रीकल्चर एंड फूड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (नारो) के डॉ. शुइचिरो टोमिता और भारत सरकार के सेंट्रल सिल्क बोर्ड के डायरेक्टर डॉ. एस. मंथिरा मूर्ति ने किया। संस्थान के निदेशक डॉ. एन. शक्तिवेल ने डेलीगेशन का स्वागत किया। दौरे के दौरान जापानी वैज्ञानिकों ने 'सेरी म्यूजियम' देखा और रेशम पालन के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए गए तकनीकी सुधारों की सराहना की।
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प्रतिनिधिमंडल ने भारत-जापान सहयोग के तहत की जा रही विभिन्न शोध और विकास गतिविधियों की समीक्षा की। डेलीगेशन ने सेरीकल्चर सेक्टर में साइंटिफिक रिसर्च और नॉलेज फैलाने के लिए इंस्टीट्यूट की कोशिशों की तारीफ की।
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मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल ने मानसबल में पी4-बेसिक सीड फार्म का दौरा किया जहां उन्होंने फार्म में मेंटेन किए गए शहतूत जर्मप्लाज्म रिसोर्स की जांच की। वैज्ञानिकों ने शहतूत जेनेटिक रिसोर्स के कंजर्वेशन और साइंटिफिक मैनेजमेंट में गहरी दिलचस्पी दिखाई और फार्म में चल रही सेरीकल्चर गतिविधियों की समीक्षा की।
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