- मीरवाइज ने ने कश्मीरियों पर हमलों पर चिंता जताई, सुरक्षा की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद मीरवाइज-ए-कश्मीर मौलवी डॉ. उमर फारूक ने उत्तराखंड में कश्मीरी शॉल बेचने वाले 18 साल के ताबिश और उनके भाई दानिश पर लोहे की रॉड से हुए हमले पर चिंता जताई। साथ ही मस्जिदों की प्रोफाइलिंग पर भी रोष जताया। उन्होंने कहा कि अगर मस्जिदों पर कार्रवाई नहीं रोकी तो एमएमयू की बैठक की जाएगी।
मीरवाइज ने कहा कि यह घटना जम्मू-कश्मीर के बाहर आम कश्मीरियों को सांप्रदायिक प्रोफाइलिंग और दुश्मनी के परेशान करने वाले पैटर्न को दिखाती है। हाल ही में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से कश्मीरी व्यापारियों, मजदूरों और छात्रों के साथ उत्पीड़न और हमलों की ऐसी ही घटनाएं सामने आई हैं।
मीरवाइज ने कहा कि हजारों कश्मीरी सर्दियों के महीनों में ईमानदारी से रोजी-रोटी कमाने के लिए अलग-अलग राज्यों में जाते हैं। ऐसे कमजोर लोगों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। ऐसी घटनाओं के बाद भारत के अलग-अलग हिस्सों में पढ़ने और काम करने वाले कश्मीरी छात्रों, व्यापारियों, पेशेवरों और अन्य लोगों की सुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है जिससे उनमें और उनके परिवारों में चिंता और डर पैदा होता है। मीरवाइज ने अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने और बाहर रहने वाले कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
घाटी में मस्जिदों, उनकी मैनेजमेंट कमेटियों, इमामों और दरगाहों से जुड़े लोगों के बारे में व्यापक और दखल देने वाली जानकारी मांगने वाली पुलिस प्रोफाइलिंग अभ्यास के बारे में मीरवाइज ने कहा कि यह बहुत परेशान करने वाला मामला है। मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) के सभी सदस्यों ने अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों से इसे रोकने के लिए कहा है।
मीरवाइज ने बताया कि पंडित भूषण बजाज के निधन पर दिल्ली की अपनी हालिया यात्रा के दौरान, वह जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी और मौलाना महमूद मदनी सहित प्रमुख मुस्लिम नेताओं और उलेमा से मिले और उन्हें स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने भी इस मुद्दे और इसके नतीजों पर अपनी कड़ी नाराजगी और चिंता व्यक्त की।
मीरवाइज ने बताया कि एमएमयू जल्द ही अपने सदस्य संगठनों और वरिष्ठ धार्मिक नेतृत्व की एक बैठक बुलाएगी ताकि इस मामले पर विचार-विमर्श किया जा सके और अगर यह अभ्यास नहीं रोका गया तो सामूहिक रूप से क्या कार्रवाई की जा सकती है।