अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सुजीत कुमार ने शनिवार को घाटी में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, सुरक्षा तैयारियों और पुलिसिंग उपायों की एक व्यापक समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि आतंकी नेटवर्क, ओजीडब्ल्यू और हाइब्रिड आतंकियों पर कड़ा प्रहार किया जाए। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में कश्मीर जोन के तीनों रेंजों के डीआईजी और सभी जिलों के एसएसपी शामिल हुए।
आईजीपी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नए आपराधिक कानूनों (एनसीएल) के प्रावधानों के तहत तय 60 और 90 दिनों की समय-सीमा के भीतर मामलों की जांच पूरी कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने आगामी सर्दियों के मद्देनजर सभी पुलिस थानों और चौकियों को पूरी तरह विंटर-रेडी रखने का आह्वान किया। चोरी के सिंडिकेट ध्वस्त करने और रिकवरी दर बढ़ाने पर जोर बैठक के दौरान आईजीपी ने लंबित अपराधों और हालिया चोरी के मामलों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने चोरी की घटनाओं में बरामदगी (रिकवरी) की दर बढ़ाने और संगठित चोरी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के कड़े निर्देश दिए। अदालतों में लंबित या स्टे किए गए मामलों की नियमित निगरानी और कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार त्वरित पैरवी करने पर भी बल दिया गया।
सुरक्षा परिदृश्य का आकलन करते हुए आईजीपी सुजीत कुमार ने खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवरग्राउंड वर्कर्स, हाइब्रिड आतंकवादियों और शांति-व्यवस्था को बाधित करने वाले राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ प्रभावी और आक्रामक कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने पुलिस नाकों को पारंपरिक व्यवस्था से हटाकर अधिक ‘डायनामिक’’’’, प्रभावी और इंटेलिजेंस-आधारित बनाने के निर्देश दिए, ताकि सुरक्षा भी पुख्ता रहे और आम नागरिकों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े। इसके अलावा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और जमीनी समन्वय पर विशेष बल दिया गया।