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Srinagar News: नादिमर्ग के अर्धनारीश्वर मंदिर में हुआ हवन और पूजन

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कुलगाम के नादिमर्ग में हवन। वीडियो ग्रैब - फोटो : Archive
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- कुलगाम के गांव में उमड़े श्रद्धालु, वापसी, शांति और आपसी भाईचारे की जगी उम्मीद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुलगाम। जिले के नादिमर्ग में स्थित अर्धनारीश्वर मंदिर में मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु वार्षिक हवन और पूजा में शामिल हुए। उन्होंने शांति के लिए प्रार्थना की और नादिमर्ग नरसंहार के पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस खास मौके पर कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों ने अपनी मातृभूमि में सम्मानजनक वापसी की अपनी पुरानी इच्छा को फिर से दोहराया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पर्याप्त सुरक्षा का इंतजाम करे तो वे नादिमर्ग में फिर से बसने को तैयार हैं। युवा कश्मीरी पंडित भावना भट्ट ने कश्मीर के साथ अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव के बारे में बताया। वह घाटी में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बाद अपने परिवार के साथ जम्मू में रह रही हैं।
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उन्होंने कहा, जब भी हम कश्मीर जाते हैं तो वहां से वापस आना बहुत मुश्किल होता है। इस जमीन, इसके माहौल और इसकी यादों में कुछ खास और सुकून देने वाली बात है जो हमें अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ महसूस कराती है। हर बार जब हम वहां से लौटते हैं तो भावुक हो जाते हैं क्योंकि कश्मीर आज भी हमें अपने घर जैसा लगता है।
इस सालाना आयोजन के महत्व पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हवन और पूजा का मकसद देश में शांति, एकता और खुशहाली के लिए मिलकर प्रार्थना करना है। उन्होंने कहा, हम प्रार्थना करते हैं कि हमारा देश शांतिपूर्ण, एकजुट और खुशहाल बना रहे और सभी समुदायों के बीच आपसी भाईचारा बना रहे।
भावना ने कार्यक्रम के दौरान वहां आए कश्मीरी मुसलमानों और पंडित समुदाय के लोगों के बीच हुई बातचीत के बारे में भी खुशी-खुशी बताया। उन्होंने कहा, जब कश्मीरी मुस्लिम भाई-बहन हमसे मिलने आए तो हमारे माता-पिता के चेहरों पर मुस्कान देखकर बहुत खुशी हुई। मैंने नए दोस्त बनाए, उनके साथ अनुभव साझा किए और अपने माता-पिता से उस समय की कहानियां सुनीं जब समुदाय आपसी सम्मान और प्यार के साथ मिल-जुलकर रहते थे। मैं सच में चाहती हूं कि वे दिन फिर से लौट आएं।
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नादिमर्ग में हुआ यह सालाना आयोजन एक बार फिर साझा यादों, हिम्मत और मेल-मिलाप, साथ रहने और कश्मीर की सदियों पुरानी आपसी भाईचारे की परंपरा को फिर से कायम करने की उम्मीद की एक मार्मिक याद दिलाता है।
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