फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Srinagar News: बर्फबारी के बाद गुलमर्ग पर्यटकों से गुलजार, स्कीइंग का उठा रहे लुत्फ

विज्ञापन
गुलमर्ग के गंडोला फेज-1 में पर्यटक। संवाद
विज्ञापन
- सोनमर्ग और अन्य पर्यटन स्थलों में भी पहुंच रहे सैलानी, खिले कारोबारियों के चेहरे
विज्ञापन

अजीम यूसुफ
श्रीनगर। पश्चिमी विक्षोभ के कारण ऊपरी पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद कश्मीर घूमने आए पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं। उनके अनुसार यह अवसर सोने पर सुहागे जैसा है। पयर्टक इसका जमकर लुत्फ ले रहे हैं। गुलमर्ग तो पर्यटकों से गुलजार है ही, सोनमर्ग, पहलगाम, दूधपथरी, डल झील, लाल चौक और ट्यूलिप गार्डन में भी सैलानियों की बहार है।
रविवार शाम से शुरू हुई बारिश और बर्फबारी रुक-रुक कर मंगलवार सुबह तक होती रही। ऐसे समय गुलमर्ग पहुंचे पर्यटक बेहद खुश नजर आए। मंगलवार को चंडीगढ़ से परिवार के साथ आया एक नवविवाहित जोड़ा बहुत उत्साहित दिखा। फोटोग्राफी और सेल्फी के दौरान उनसे बात हुई तो बताया कि पहली बार कश्मीर आए हैं। सोमवार को श्रीनगर में स्टे के दौरान बर्फबारी की जानकारी मिली, तब वहां बारिश हो रही थी। मंगलवार सुबह ही यहां आने का कार्यक्रम बनाया। बर्फ के बीच यहां स्कीइंग करना बेहद आनंददायक रहा।
विज्ञापन

वहीं गाजियाबाद से तीन बच्चों के साथ आए राजेंद्र भी बहुत खुश दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि पहले भी कश्मीर आए हैं तब उन्हें बर्फ नहीं मिली थी। इस बार यहां बर्फ देखकर बच्चे बेहद खुश हैं। यहां ट्रेनर उन्हें स्की करना सिखा रहे हैं। बर्फ से ढकी मनोरम पहाड़ियों का दृश्य बेहद शानदार है। उनकी पत्नी उमा ने कहा कि इस बार यहां आना सार्थक हो गया। श्रीनगर में ठहरे हैं। बुधवार को ट्यूलिप गार्डन जाने और वीरवार को सोनमर्ग घूमने का प्लान है।
बुधवार शाम को लाल चौक पर पत्नी ऋचा और डेढ़ साल के बेटे आरव के साथ फोटो खिंचा रहे उपेंद्र ने बताया कि वह बंगलूरु से मंगलवार को ही यहां आए हैं। आज श्रीनगर में डल झील में शिकारे की सैर के बाद ट्यूलिप गार्डन घूमने गए थे। वीरवार को सोनमर्ग जाने के लिए टैक्सी बुक की है। श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन की सैर यादगार रहेगी। अभी तो चार दिन का टूर और हैै। कश्मीर की सुंदरता को पूरी तरह नजरों और कैमरे में कैद करना चाहते हैं।
विज्ञापन


हर पर्यटक घंटाघर के सामने सेल्फी लेना चाहता है
कश्मीर घूमने आएं और लाल चौक के ऐतिहासिक घंटाघर पर फोटो न खिंचाएं, ऐसा हो ही नहीं सकता। यह हम नहीं कह रहे, यह कहना है लखनऊ से यहां आए उमेश शर्मा का। उन्होंने बताया कि पहले कभी खबरों में यहां होने वाली पत्थरबाजी और राजनीतिक गतिविधियों के बारे में पढ़ते और सुनते थे। कश्मीर आने के बाद यहां आना ही था, घंटाघर पर तिरंगा लहराता देख हमारा दिल भी झूम उठा। यहां मौजूद हर पर्यटक घंटाघर के सामने फोटो खिंचाना या सेल्फी लेना चाहता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें