- जीएमसी श्रीनगर के कार्डियोलॉजी विभाग ने जारी की एडवाइजरी, इलाज में देरी हो सकता है जानलेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। सर्दी बढ़ने के साथ हृदय रोग के मामले भी बढ़ रहे हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) श्रीनगर के कार्डियोलॉजी विभाग ने सर्दियों के मौसम में दिल से जुड़े आपात मामलों में बढ़ोतरी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसके मुताबिक सलाह दी गई है कि किसी भी तरह की दिक्कत होने पर लोग लापरवाही न बरतें, तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
एडवाइजरी में कहा गया है कि सर्दी में रक्त गाढ़ा होने की वजह से रक्तचाप बढ़ जाता है। साथ ही हार्टअटैक जैसे मामले भी बढ़ जाते हैं। चेतावनी दी गई है कि ठंड के दौरान इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। सर्दियों में दिल से संबंधित बीमारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में दिल को खास देखभाल की जरूरत होती है। बढ़ती उम्र में भी दिल की परेशानियां बढ़ जाती हैं। पहले से हृदय रोग से पीड़ित लोग, हार्ट अटैक या स्ट्रोक का इतिहास रखने वाले मरीज, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या किडनी रोग से ग्रसित लोग, बुजुर्ग और धूम्रपान करने वाले लोगों को सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं। किसी भी परेशानी के लिए तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क
एडवाइजरी में उन चेतावनी संकेतों की भी सूची दी गई है जिन पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। इनमें सीने में दर्द या असहजता, अचानक सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना, चक्कर आना या असामान्य थकान, दिल की धड़कन तेज होना या बेहोशी, अचानक कमजोरी, बोलने में लड़खड़ाहट या चेहरे का एक तरफ झुक जाना शामिल है।
बरतें एहतियात
- सर्दी में सुबह के समय अचानक भारी शारीरिक गतिविधि करने से बचें।
- गर्म कपड़े पहनें। खासकर छाती, सिर और हाथ-पैर को अच्छी तरह ढक कर रखें।
- अत्यधिक ठंड में सुबह-सुबह बाहर निकलने से बचें।
- पहले से जिनका इलाज चल रहा है ऐसे मरीजों को सलाह दी गई है कि वे दिल की दवाएं बिना रुके नियमित रूप से लेते रहें। रक्तचाप की नियमित जांच करें क्योंकि सर्दियों में बीपी बढ़ने की संभावना रहती है।
- मध्यम स्तर का व्यायाम करने की सलाह दी गई है जबकि अचानक या अत्यधिक मेहनत वाले व्यायाम से सख्त परहेज करने को कहा गया है।
- श्वसन संक्रमण (सांस से जुड़ी बीमारियों) का समय पर इलाज कराने पर भी जोर दिया है क्योंकि सर्दियों में ये संक्रमण गंभीर हृदय घटनाओं को ट्रिगर कर सकते हैं।