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Srinagar: हजरतबल दरगाह में फारूक उमर अब्दुल्ला ने पढ़ी जुमे की नमाज, बोले- अल्लाह सब पर रहमत बरसाए

Sat, 13 Sep 2025 01:57 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

डॉ फारूक अब्दुल्ला ने हजरतबल दरगाह में जुमे की नमाज अदा करते हुए जम्मू-कश्मीर, गाजा और अन्य संघर्ष क्षेत्रों में मुसलमानों के लिए दुआ की। उन्होंने लोगों से फसल बीमा कराने की अपील करते हुए मौसम जनित नुकसान से बचने की सलाह दी।
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हजरतबल दरगाह में फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने पढ़ी नमाज - फोटो : बसित जरगर
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस  के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला ने मौजूदा चुनौतियों के बीच जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए शांति और राहत की हार्दिक प्रार्थना की। दरगाह हजरतबल में शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने गाजा और दुनिया भर के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में पीड़ित मुसलमानों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और सभी मुसलमानों और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के लिए दुआ की।

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डॉ फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अल्लाह जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनकी परेशानियों से मुक्ति दिलाए। दुनिया भर में संघर्ष व्यापक है और गाजा तथा अन्य जगहों पर मुसलमान भारी कष्ट झेल रहे हैं। अल्लाह सभी मुसलमानों और जम्मू-कश्मीर के लोगों पर कृपा करे। वह मुसलमानों और हिंदुओं के बीच शांति और भाईचारा बनाए रखे।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी अपने पिता डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ श्रीनगर स्थित हजरतबल दरगाह में सामूहिक जुमे की नमाज में भाग लिया। इसके अलावा उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी और उमर के दोनों बेटे- जाहिर और जामिर अब्दुल्ला भी इस विशेष जुमे की नमाज में शामिल हुए।
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ईद-ए-मिलाद-उन-नबी (एसएडब्ल्यू) के बाद शुक्रवार को हजारों श्रद्धालु ऐतिहासिक दरगाह पर नमाज अदा करने और पैगंबर मोहम्मद (एसएडब्ल्यू) के पवित्र अवशेष के औपचारिक प्रदर्शन को देखने के लिए एकत्रित हुए। कश्मीर के एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थल हजरतबल दरगाह में श्रद्धालुओं की एकता और आस्था के बीच भारी भीड़ उमड़ी। 

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अगर हम फसल बीमा नहीं कराते हैं तो लोगों को हमेशा नुकसान ही होगा : डॉ फारूक अब्दुल्ला 
डॉ फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के फल उत्पादकों से फसल बीमा कराने की अपील की और कहा कि ऐसा न करने पर मौसम के मिजाज में बदलाव के कारण हमेशा नुकसान होता रहेगा। अब्दुल्ला ने कहा कि मैंने यह कई बार कहा है। हमारे लोग नहीं जानते कि यह (फसल बीमा) कितना जरूरी है। मौसम का मिजाज बदल गया है और अगर हम फसल बीमा नहीं कराते हैं तो लोगों को हमेशा नुकसान ही होगा।
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