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Srinagar News: कुपवाड़ा के ऐतिहासिक बदामबाग में 17 करोड़ का इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट शुरू

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- नाबार्ड के तहत होगा कायाकल्प, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। दशकों की सार्वजनिक मांग के बाद जिले के वत्यान कुल्तूरा स्थित ऐतिहासिक बदामबाग क्षेत्र अब बड़े बदलाव के लिए तैयार है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, नाबार्ड के तहत यहां 17 करोड़ रुपये की लागत से इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की स्वामित्व उद्यान विभाग, कुपवाड़ा के पास है और इसे आरएंडबी डिवीजन हंदवाड़ा की ओर से क्रियान्वित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना, ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और जिले के सबसे सुंदर स्थलों में से एक के ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व को बहाल करना है।
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सोपोर-कुपवाड़ा हाईवे के पास स्थित मनोरम बदामबाग अपने लुभावने परिदृश्य के लिए लंबे समय से प्रसिद्ध है। कभी बादाम और अखरोट के बागों के लिए जाना जाने वाला यह क्षेत्र धीरे-धीरे अपनी प्राकृतिक सुंदरता खो रहा था। समुद्र तल से लगभग 300-400 मीटर ऊंचाई पर स्थित इस जगह से कुपवाड़ा और बारामुला जिलों के साथ-साथ दिवेनाल पहाड़ों और सोपोर क्षेत्र के विहंगम दृश्य दिखाई देते हैं। पहाड़ी की चोटी पर सूफी संत पीर खान वली साहिब का प्रसिद्ध दरगाह स्थित है जहां विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
वरिष्ठ नागरिक बताते हैं कि बदामबाग कभी कुपवाड़ा का सबसे लोकप्रिय पिकनिक स्थल था। ईद, बैसाखी, होली, दीवाली जैसे त्योहारों पर यहां परिवार, छात्र और पर्यटक एकत्र होते थे, जो क्षेत्र की सांप्रदायिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को दर्शाता था। आधिकारिक विवरण के अनुसार, इको-टूरिज्म पार्क 120 कनाल भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसमें लगभग 70 कनाल क्षेत्र पारिस्थितिकी को संरक्षित करने के लिए बागवानी के लिए आरक्षित रहेगा।
पर्यटक हट, बड़ा मीटिंग हॉल, चौकीदार हट, आकर्षक प्रवेश द्वार, 1.6 किलोमीटर आंतरिक सड़क, फूलों के बगीचे, फव्वारे, सिंचाई टैंक और सौर ऊर्जा सुविधाएं। इसके साथ ही सबसे ऊंचे स्थान पर स्थित पीर खान वली साहिब के विरासत दरगाह का विकास और सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। वहीं निर्माण कार्य अल-खदीज इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा फिरदौस अहमद वानी की देखरेख में किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परियोजना में स्थल की प्राकृतिक सुंदरता को बरकरार रखते हुए आधुनिक इको-टूरिज्म सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
क्षेत्र के मूल निवासी प्रोजेक्ट इंजीनियर खालिद फारूक कुरैशी कार्य की समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर नजर रखे हुए हैं। आरएंडबी डिवीजन के एग्जिक्यूटिव इंजीनियर फारूक अहमद शाह ने कहा कि यह परियोजना सरकार की सतत ग्रामीण विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे नई आजीविका के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की पर्यावरणीय व सांस्कृतिक विरासत की रक्षा भी होगी।
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स्थानीय लोगों ने इस लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर जिला प्रशासन, उद्यान विभाग और आरएंडबी डिवीजन का आभार व्यक्त किया। उनका मानना है कि इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले बागवानी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि बदामबाग वत्यान कुल्तूरा को जम्मू-कश्मीर के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान मिलेगा।
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