श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ रहे युद्ध पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
डॉ. फारूक ने इन हमलों को दुखद और विकास को अस्थिर करने वाला बताया। इससे क्षेत्रीय शांति, स्थिरता तथा लाखों लोगों की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी हिंसा अविश्वास को और गहरा करती है तथा विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के लोगों के लिए अधिक पीड़ा और मानवीय संकट पैदा करती है जो पहले से ही इसके सबसे बुरे परिणामों का सामना कर रहे हैं।
संवाद और कूटनीति की ओर लौटने की अपील करते हुए उन्होंने सभी राष्ट्रों, खासकर शांति प्रेमी देशों और संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों से आग्रह किया कि वे तनाव कम करने, अंतरराष्ट्रीय कानून, न्याय तथा मानव गरिमा को बनाए रखने के लिए एकजुट हों। डॉ. फारूक ने रेखांकित किया कि युद्ध केवल और अधिक संघर्ष को जन्म देता है तथा पश्चिम एशिया में स्थायी शांति केवल सम्मानजनक वार्ता, आपसी समझ तथा नागरिकों के जीवन की रक्षा के माध्यम से ही प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने विश्व भर की सरकारों से आह्वान किया कि वे एक समावेशी शांति प्रक्रिया का समर्थन करें जो ईरान जैसे राष्ट्रों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें। मध्य पूर्व के लोगों की वैध चिंताओं को ध्यान में रखें तथा क्षेत्र में विभाजन और अस्थिरता को बढ़ावा देने वाली कार्रवाइयों को अस्वीकार करें।