- उपायुक्त ने अमृत 2.0 के तहत निशात में हो रहे निर्माण कार्य का लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपायुक्त अक्षय लाबरू ने अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) 2.0 के तहत जारी जल आपूर्ति इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले में पेयजल की आपूर्ति व गुणवत्ता को मजबूत करना और बढ़ाना है। उन्होंने एक्टिवेटेड कार्बन चैंबर का काम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान लाबरू ने निशात में जल उपचार संयंत्र में 7 एमजीडी एक्टिवेटेड कार्बन चैंबर के चल रहे निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया। यह एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पहल है जिसे जल उपचार क्षमता को बढ़ाने और शहर के लिए पीने के पानी की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
उन्होंने इशबार निशात में 0.1 एमजीडी जल आपूर्ति योजना की प्रगति की भी समीक्षा की जिसमें इसके वितरण और कवरेज घटक शामिल हैं। इनका उद्देश्य क्षेत्र की अंतिम छोर पर स्थित बस्तियों में पानी की कमी को दूर करना है। निशात में 7 एमजीडी एक्टिवेटेड कार्बन चैंबर की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त को बताया गया कि इस परियोजना पर लगभग 3.66 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इसे 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर उपायुक्त ने निर्माण की समय-सीमा का पालन करने और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना मौसमी जल गुणवत्ता संबंधी चिंताओं को दूर करने और शहर की पीने के पानी की आपूर्ति प्रणाली की समग्र विश्वसनीयता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि एक बार चालू हो जाने के बाद एक्टिवेटेड कार्बन चैंबर महत्वपूर्ण तृतीयक-चरण उपचार बाधा के रूप में कार्य करेगा जो विभिन्न मौसमों में पानी की लगातार गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा। यह प्रोजेक्ट पारंपरिक उपचार तरीकों से हटकर एक आधुनिक, कई-स्तरों वाले उन्नत जल उपचार प्रणाली की ओर एक बड़ा बदलाव है। इससे श्रीनगर के शहरी जल बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों को काफी मजबूती मिलेगी।