- स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और प्रशासनिक विफलता पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। भाजपा प्रवक्ता दानिश भट ने बांदीपोरा जिले के सुदूर गुरेज सेक्टर की 30 वर्षीय गर्भवती महिला की मौत के मामले को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। भट ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी किया कि जब तक इस घटना के लिए जवाबदेही तय नहीं हो जाती और लापरवाह अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक भाजपा शांत नहीं बैठेगी।
उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गुरेज जैसे दूरदराज और भौगोलिक रूप से दुर्गम सीमांत क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे की विफलता ने एक बार फिर एक मासूम मां और अजन्मे बच्चे की जान ले ली। गुरेज घाटी के मजगुंड इलाके की रहने वाली महिला हसीन बेगम को प्रसव पीड़ा के बाद स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। परिजन का आरोप है कि वहां डॉक्टरों और कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी के चलते उन्हें पहले उपजिला अस्पताल गुरेज और फिर आपातकालीन स्थिति में जिला अस्पताल बांदीपोरा रेफर किया गया। लंबी दूरी, रास्ते में होने वाली देरी और समय पर रक्त व आपातकालीन उपचार न मिल पाने के कारण रास्ते में ही नवजात की मौत हो गई और अस्पताल पहुंचने पर महिला ने भी दम तोड़ दिया।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, दोषियों पर हो कार्रवाई
दानिश भट ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में भारी बजट दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही के कारण आम जनता को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और दोषियों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग उठाई कि सर्दियों की शुरुआत से पहले गुरेज जैसे बर्फबारी से कटने वाले इलाकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों, आपातकालीन दवाओं और 24 घंटे एंबुलेंस व एयरलिफ्ट की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसा दर्द न देखना पड़े।