लेथपोरा में सीआरपीएफ के महानिदेशक ने किया उद्घाटन, बढ़ेगी मारक क्षमता
बंद कमरों में भी आतंकियों को ढेर करने में प्रशिक्षित होंगे सीआरपीएफ जवान
अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। कश्मीर में आतंकवाद, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता को अगले स्तर पर ले जाने के लिए कमर कस ली है। घाटी में तैनात सीआरपीएफ के जवानों को रूम इंटरवेंशन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। रूम इंटरवेंशन बंद कमरों या इमारतों के भीतर की जाने वाली कार्रवाई है। इसके लिए पुलवामा के लेथपोरा स्थित रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर (आरसीटी) में एक अत्याधुनिक शूट हाउस खुल गया है।
सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह ने अत्याधुनिक शूट हाउस का उद्घाटन करते हुए बताया कि आधुनिक युद्धक परिस्थितियों में सटीकता सबसे महत्वपूर्ण है। ये अत्याधुनिक शूट हाउस विशेष रूप से रूम इंटरवेंशन ऑपरेशनों के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीआरपीएफ के जवान न केवल तेज और सटीक हों बल्कि वे ऑपरेशनली एलीट रहें। यह सुविधा बल को आधुनिक तकनीकों से लैस कर किसी भी जटिल स्थिति से निपटने के लिए सशक्त बनाएगी।
-
पुलिस व सेना के साथ आतंकरोधी अभियानों में सक्रिय है सीआरपीएफ
-एक रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में कश्मीर में सीआरपीएफ की भूमिका में बड़ा बदलाव आया है। पहले यहां इस बल का मुख्य उपयोग कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जाता था। अब यह बल जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना के साथ आतंकरोधी अभियानों (सीटी ऑपरेशंस) में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।
-विशेषज्ञ ने बताया कि सीआरपीएफ का एक विशेष दस्ता घाटी में विशेष रूप से श्रीनगर में सीटी-ऑपरेशन में भाग लेता है। इसे वैली क्यूएटी टीम कहा जाता है। यह दस्ता 2011 में बनाया गया था। इनके द्वारा ऑस्ट्रिया निर्मित सेमी आटोमेटिक ग्लोक पिस्टल, इस्राइल निर्मित टेवॉर एक्स-95 असाल्ट राइफल, जर्मन निर्मित हेकलर एंड कोष एमपी-5 सब-मशीन गन जैसे आधुनिक हथियार इस्तेमाल में लाए जाते हैं।
-उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ अपने जवानों को अत्याधुनिक ट्रेनिंग देने की दिशा में हर समय प्रयास करती है। लेथपोरा में बनाया गया अत्याधुनिक शूट हाउस इसी दिशा में एक अहम कदम है।
-बाॅक्स..
ये है रूम इंटरवेंशन
रूम इंटरवेंशन एक उच्च जोखिम वाली मिलिट्री और पुलिस ट्रेनिंग है जो जो बंधक स्थिति में या छिपे आतंकियों को घर, इमारत या कमरे के अंदर बेअसर करने के लिए की जाती है। ये गति, अचूकता और टीम वर्क के सिद्धांतों पर आधारित है। इनमें से सबसे अहम उद्देश्य होता है ताकि कमरे में घुसे आतंकियों को खत्म कर बंधकों को सुरक्षित छुड़ाया जा सके।
त्वरित प्रतिक्रिया: दुश्मनों को संभलने का मौका दिए बिना सेकंडों में कमरे को साफ करना।
टैक्टिकल मूवमेंट: विशेष तकनीक जैसे कैटरपिलर पोजीशन और आक्रामक प्रवेश का अभ्यास।
शूट हाउस अभ्यास: शूट हाउस में आधुनिक तकनीक के साथ सटीक निशानेबाजी की ट्रेनिंग।
टीम वर्क: टीम के सदस्यों के बीच समन्वय जहां एक साथ दो या अधिक कर्मी एक साथ प्रवेश करते हैं।
क्लीयरिंग: कमरे के कोनों को जांचना और हर खतरे को खत्म करना।
कवर और कंसीलमेंट: छिपने के स्थानों का उपयोग करना।
हथियार संचालन: बंदूक का सटीक उपयोग जिसमें लक्ष्य के चेहरे पर गन बैरल होना शामिल है ताकि दुश्मन तुरंत बेसर हो सके।