गांदरबल। सेंट्रल यूनिवर्सिटी (सीयू) वर्ल्ड हेल्थ डे पर जिसे थीम टुगेदर विद हेल्थ. स्टैंड विद साइंस के तहत मनाया गया। लॉ विभाग, स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज ने इंटरनेशनल कंज्यूमर एडवोकेसी ग्रुप के साथ मिलकर भारत में खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य कानून पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित की ओर तुलमुल्ला परिसर में बैठक की।
इस अवसर पर एसएलएस के प्रमुख और डीन प्रोफेसर फारूक मीर ने सड़े हुए मांस के मुद्दे पर प्रकाश डाला। जिसने पूरी घाटी को हिलाकर रख दिया और दुनिया भर में विभिन्न स्वास्थ्य देखभाल मुद्दों की ओर इशारा किया जो मिलावटी भोजन के सेवन के परिणाम हैं। उन्होंने इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि उपभोक्ता संरक्षण कानून एफएसएसएआई के साथ एक साथ कैसे काम करते हैं।
मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) रणजीत सिंह कुलपति, शोबित विश्वविद्यालय गंगोह-सहारनपुर उत्तर प्रदेश ने इस बारे में बात की कि कैसे ग्रामीण आबादी और कम आय वाले तबके के लोगों को पता नहीं है कि स्वास्थ्य और खाद्य मानक क्या हैं और कैसे उनका इस बात का कोई झुकाव नहीं है कि कैविएट एम्प्टर क्या है और उन्हें कैसे करना चाहिए अपने अधिकारों के बारे में सतर्क रहें और यह भी जान लें कि उन्हें खाद्य उत्पादों को खरीदने से पहले लेबल कैसे जांचना चाहिए।
मुख्य अतिथि हिलाल अहमद मीर, सहायक आयुक्त, फूड सेफ्टी कश्मीर, दवा और खाद्य नियंत्रण संगठन ने उपभोक्ता के लिए उत्पादों पर लेबल की जांच करने की आवश्यकता और घाटी में अनुपालन तंत्र कैसे काम करता है इस पर प्रकाश डाला। संवाद