- कैबिनेट मंत्री ने कहा, कश्मीर के मांस व्यापार को प्रभावित करने वाली अंतरराज्यीय उत्पीड़न की समस्या को सुलझाने में लगी है सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। खाद्य आपूर्ति मंत्री सतीश शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि सरकार जम्मू और कश्मीर में खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए ठोस कदम उठा रही है। अंतिम लैब रिपोर्ट मिलने के बाद सख्त कार्रवाई करेगी। वहीं, सरकार 20 मोबाइल लैब खरीद रही है।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सैंपलिंग और जांच में तेजी लाने के लिए हर जिले को एक मोबाइल टेस्टिंग लैब से लैस करने का फैसला किया है। शर्मा ने कहा कि विभाग 20 मोबाइल लैब खरीदने की प्रक्रिया में है जिन्हें जिलों में बांटा जाएगा ताकि बिना किसी देरी के मौके पर ही टेस्टिंग की जा सके। उन्होंने कहा कि मिलावट की घटनाएं हर जगह नहीं बल्कि कुछ जगहों पर हुई हैं और सरकार कड़ी कार्रवाई शुरू करने से पहले टेस्ट की पुष्टि का इंतजार कर रही है।
उनके अनुसार यह मुद्दा एक गहरे नैतिक संकट को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हर समाज में शरारती तत्व होते हैं और कुछ लोगों ने मुनाफे के लिए जान जोखिम में डालकर लालच को इंसानियत पर हावी होने दिया है। शर्मा ने कहा कि सीमित संसाधनों और असीमित सार्वजनिक अपेक्षाओं के कारण केंद्र शासित प्रदेश में काम करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है लेकिन उमर अब्दुल्ला सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुफ्त राशन और बिजली आपूर्ति के वादे पूरे किए जाएंगे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को एक जुझारू नेता बताया जो उम्मीद पर काम करते हैं। कहा कि जम्मू और कश्मीर को नई दिल्ली से उदार वित्तीय सहायता की आवश्यकता है जैसा कि इस क्षेत्र को डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान मिला था। शर्मा ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करना आवश्यक है और सरकार हर स्तर पर इसके लिए दबाव डाल रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि सर्दियों की तैयारी पूरी हो गई है और खराब मौसम के दौरान निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक स्टॉक संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही जमा कर दिए गए हैं।
इस बीच शर्मा ने स्वीकार किया कि पंजाब में उत्पीड़न का सामना कर रहे जम्मू और कश्मीर के मटन व्यापारियों की समस्याएं एक वास्तविक मुद्दा है जिसे तुरंत हल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मटन व्यापारियों ने कश्मीर में पशुओं के परिवहन के दौरान जबरन वसूली और उत्पीड़न की शिकायतें की हैं और सरकार इस मामले पर चर्चा करने और इसे सुलझाने के लिए पंजाब एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का इरादा रखती है।
शर्मा ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे को हल करने के लिए पंजाब के अधिकारियों से मिलने की योजना बनाई थी लेकिन मुख्यमंत्री को अपरिहार्य कारणों से अप्रत्याशित रूप से जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि कश्मीर यात्रा के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया था। मंत्री ने यह भी कहा कि असली व्यापारियों के साथ-साथ हर समाज में ऐसे तत्व भी होते हैं और कुछ मामलों में लोगों से गैर-कानूनी पेमेंट के लिए जबरदस्ती की जा रही है जिससे मासूम ट्रक ड्राइवरों को आर्थिक और व्यक्तिगत जोखिम हो रहा है।
नवाब-ए-सुबह में सार्वजनिक प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की, शिकायतों के निवारण का दिया आश्वासन
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय नवाब-ए-सुबह में कई व्यक्तिगत और सार्वजनिक प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। यह बातचीत उमर सरकार की चल रही आउटरीच पहल का हिस्सा थी जिसका मकसद सार्वजनिक जुड़ाव को मजबूत करना और जमीनी स्तर की चिंताओं को दूर करना है। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडलों ने आवश्यक सेवाओं, उपभोक्ता कल्याण और स्थानीय विकास के मुद्दों से संबंधित कई सार्वजनिक और व्यक्तिगत शिकायतें सामने रखीं।
सतीश शर्मा ने हर बात को धैर्य से सुना और प्रतिनिधिमंडलों को आश्वासन दिया कि उनकी चिंताओं पर पूरी गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने पारदर्शी शासन, कुशल सेवा वितरण और वास्तविक शिकायतों के समय पर निवारण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उठाए गए मुद्दों पर तत्काल संज्ञान लेने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बिना किसी देरी के आवश्यक फॉलो-अप कार्रवाई शुरू की जाए।