- फारूक अब्दुल्ला के ''पाकिस्तान'' वाले बयान पर भड़के अल्ताफ ठाकुर, कहा-पाकिस्तान से इतना प्यार है तो वहीं चले जाएं
जवाहर नगर पार्टी मुख्यालय में धूमधाम से मनाया गया ऐतिहासिक ''एक्सेशन डे''
- भाजपा प्रवक्ता ने कहा, कश्मीरियों की रक्षक सेना है, आतंकियों को पनाह देने वाला पाकिस्तान नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के भारत में ऐतिहासिक विलय की वर्षगांठ पर भाजपा ने श्रीनगर के जवाहर नगर स्थित पार्टी मुख्यालय में जश्न मनाया और मिठाई बांटी। 26 अक्तूबर 1947 को महाराजा हरि सिंह की ओर से भारत में विलय के ऐतिहासिक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए जाने की याद में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी, ढोल-नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटकर इस ऐतिहासिक दिन का स्वागत किया।
इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं जम्मू-कश्मीर भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कार्यकर्ताओं को विलय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला के हालिया विवादित बयान पर तीखा पलटवार किया।
पाकिस्तान हमें नहीं, सिर्फ आतंकवादियों को बचाता है
फारूक अब्दुल्ला द्वारा दिए गए बयान ''''पाकिस्तान कश्मीरियों को बचा रहा है, वरना दिल्ली के इरादे ठीक नहीं'''' पर कड़ा रोष जताते हुए अल्ताफ ठाकुर ने इसे पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना और देश की संप्रभुता का अपमान करार दिया।
अल्ताफ ठाकुर ने दो टूक शब्दों में कहा, फारूक अब्दुल्ला का यह दावा बेहद शर्मनाक है कि पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है। पाकिस्तान ने कभी कश्मीरियों को नहीं बचाया, बल्कि पिछले 35 वर्षों में उसने कश्मीर में आतंकवाद फैलाकर 50 हजार से अधिक बेगुनाह कश्मीरियों, सुरक्षाकर्मियों और मासूमों का खून बहाया है। पाकिस्तान केवल आतंकवादियों, घुसपैठियों और देशद्रोहियों को पनाह देता और बचाता है, कश्मीरी अवाम को नहीं। अगर पाकिस्तान से इतना लगाव है, तो वहीं चले जाएं फारूक।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को देश और जम्मू-कश्मीर की जनता से अपने इस बयान के लिए बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने तीखे लहजे में कहा, फारूक अब्दुल्ला भारत के संवैधानिक पदों पर रहे हैं, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री रहे हैं। इसके बावजूद अगर उन्हें लगता है कि पाकिस्तान उनका हमदर्द और रक्षक है, तो उन्हें भारत छोड़कर पाकिस्तान चले जाना चाहिए। यहां रहकर पाकिस्तान का गुणगान करना और देश की चुनी हुई सरकार की मंशा पर सवाल उठाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तिरंगे और भारतीय सुरक्षा बलों के साए में महफूज है कश्मीर
अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर की जनता पूरी तरह सुरक्षित है और इसका श्रेय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अदम्य साहस व शहादत को जाता है, जिन्होंने अपने प्राणों की बाजी लगाकर घाटी को सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद से महफूज रखा है।
उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति, विकास और खुशहाली का नया दौर शुरू हुआ है। पथराव और बंद का दौर खत्म हो चुका है और कश्मीरी युवा मुख्यधारा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विलय दिवस केवल एक ऐतिहासिक तारीख नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के भारत का अटूट अंग होने और हर नागरिक के स्वाभिमान का प्रतीक है, जिसे कोई भी विभाजनकारी राजनीति कमजोर नहीं कर सकती।