- देर रात 12:23 बजे लगी आग में 80 झोपड़ियां, पोल्ट्री फार्म और टिप्पर जले
- दुर्बल बस्ती में दमकल विभाग के पहुंचने से पहले फैल चुकी थी आग, जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। श्रीनगर के दुर्बल, बेमिना क्षेत्र में मंगलवार देर रात 12:23 बजे भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में किशोर सहित दो युवकों की जिंदा जलने से मौत हो गई। इसके अलावा लगभग 80 अस्थायी झोपड़ियां, खाली पड़ा पोल्ट्री फार्म और वहां खड़ा एक टिप्पर वाहन पूरी तरह जल गए।
लकड़ी और तिरपाल से बनी अस्थायी झुग्गियों वाली इस घनी बस्ती में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग बुझाने के बाद जब मलबे को हटाने और तलाशी का काम शुरू हुआ तो दो व्यक्तियों के बुरी तरह झुलसे हुए शव बरामद किए गए। जम्मू-कश्मीर अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की ओर से जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, कंट्रोल रूम को देर रात 12:23 बजे आग लगने की सूचना मिली।
इसके बाद जेवीसी और रावलपोरा फायर स्टेशनों से तत्काल दमकल गाड़ियों को रवाना किया गया। आग की भीषणता को देखते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बटमालू स्थित एफएंडईएस मुख्यालय से अतिरिक्त दमकल वाहन भी तुरंत मौके पर भेजी गए। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब दमकल दल मौके पर पहुंचा तो आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थीं। आग पूरे झुग्गी क्षेत्र में फैल चुकी थी। अस्थायी संरचनाओं में अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री जैसे लकड़ी, प्लास्टिक और तिरपाल होने के कारण आग ने बेहद तेजी से पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।
दमकल कर्मियों की ओर से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद जब आग की लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया गया तो कूलिंग ऑपरेशन और मलबे की तलाशी का काम शुरू किया गया। इस दौरान झुलसे हुए दो शव बाहर निकाले गए। मृतकों की पहचान मोहम्मद नूर आलम (27 वर्ष) मूल निवासी दिल्ली, मौजूदा दुर्बल, बेमिना और अल अमीन (16) मूल निवासी दिल्ली, मौजूदा कुपवाड़ा के तौर पर हुई है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दोनों मृतक दुर्बल बस्ती में रहकर कबाड़ बीनने का काम करते थे। देर रात वे अपनी झोपड़ी में सो रहे थे, जब आग ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को मौके पर बुलाकर तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। कानूनी और एफएसएल प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद दोनों शवों को आगे की औपचारिकताओं के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया।
प्रशासनिक व तकनीकी अधिकारियों की देखरेख में चला ऑपरेशन
पूरे अग्निशमन और बचाव अभियान का समन्वय व निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर रहकर की। इनमें डिप्टी डायरेक्टर कमांड श्रीनगर डॉ. आकिब हुसैन मीर, मोबिलाइजिंग ऑफिसर एजाज अहमद शाह, डीएफओ सिटी और डीएफओ हेडक्वार्टर विशेष रूप से शामिल रहे। दमकल विभाग और पुलिस ने बताया कि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है कि आग किसी शॉर्ट सर्किट से लगी या चूल्हे अथवा हीटर की चिंगारी से भड़की।