- उड़ी के एक व्यक्ति की चूहे मारने वाले जहर से मौत का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इन आरोपियों पर उड़ी, बारामुला में 2020 में हुई एक हत्या की साजिश के मामले में मुकदमा चल रहा है।
जस्टिस संजय धर की बेंच ने यह आदेश सुनाया। बेंच ने बीए अब्बासी और एक अन्य आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इन दोनों पर बारामूला के एडिशनल सेशंस जज की अदालत में मुकदमा चल रहा है।
सरकारी वकील के मुताबिक, 24 जनवरी 2020 को बिझमा पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि उड़ी में बेला रेशीवारी पुल के पास सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति बेहोश पड़ा है। कुछ राहगीरों ने उस व्यक्ति को उड़ी के सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जांच की कार्रवाई शुरू की, शव को अपनी हिरासत में लिया और बाद में मृतक की पहचान एमएस अब्बासी के रूप में की। पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिवार वालों को सौंप दिया गया।
सरकारी वकील ने आगे बताया कि पोस्टमार्टम और उसके बाद हुई जांच से पता चला कि मृतक की मौत जहर के कारण हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि मृतक का एक महिला (जिसका नाम गुप्त रखा गया है) के साथ लगभग पांच साल से प्रेम-संबंध था और दोनों शादी करना चाहते थे। हालांकि महिला के परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे।