- मुख्य सचिव ने जम्मू-कश्मीर में प्रमुख केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने श्रीनगर में प्रशासनिक सचिवों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें केंद्र शासित प्रदेश में चल रही प्रमुख केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इन कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार और समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को परिणाम-उन्मुख शासन पर ध्यान केंद्रित करने, लक्ष्यों की कड़ी निगरानी करने और उपलब्ध धनराशि का शत-प्रतिशत व सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, डिजिटल कनेक्टिविटी, ग्रामीण व शहरी विकास, समाज कल्याण, पर्यटन और जल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की योजनावार समीक्षा की गई। बताया गया कि समग्र शिक्षा और पीएम श्री स्कूल योजना के तहत डिजिटल बदलाव, स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी प्रयोगशालाओं की स्थापना में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वहीं कौशल विकास विभाग ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत एक लाख से अधिक युवाओं को उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आईटीआई को आधुनिक उत्कृष्टता केंद्रों में बदलने के लिए नए पीएम-सेतु कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
बिजली क्षेत्र में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र शासित प्रदेश में हजारों छतों पर सौर प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। ट्रांसमिशन घाटे को कम करने और बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए स्मार्ट मीटरिंग और आरडीएसएस योजना के तहत बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। डिजिटल कनेक्टिविटी के मोर्चे पर भारतनेट परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंचाने और दूरदराज के इलाकों में 4जी नेटवर्क की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम चल रहा है।
मुख्य सचिव ने समाज कल्याण और वित्त विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री जन धन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिलों में विशेष अभियान चलाए जाएं। अटल डुल्लू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में रहें ताकि फंड और मंजूरियों में कोई देरी न हो। उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।