- मुख्य सचिव ने शहरी चुनौती कोष के तहत चार बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की
- जम्मू-कश्मीर ने 1990 करोड़ की परियोजनाएं की चयनित, केंद्र से 495 करोड़ की सहायता प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने मंगलवार को आवास एवं शहरी विकास विभाग की बैठक में केंद्र सरकार के शहरी चुनौती कोष के तहत प्रस्तावित शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी चयनित परियोजनाएं कोष के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हों।
बैठक में आवास एवं शहरी विकास विभाग की आयुक्त सचिव मंदीप कौर, नगर निगम आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मजबूत व्यवहार्यता अध्ययन, टिकाऊ वित्तपोषण मॉडल और स्पष्ट क्रियान्वयन योजना तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि परियोजनाएं न केवल शहरों की तत्काल जरूरतें पूरी करें, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करें, शहरी लचीलापन बढ़ाएं और पर्यावरण के अनुकूल विकास को बढ़ावा दें।
आवास एवं शहरी विकास विभाग ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ पहली बैठक के बाद जम्मू-कश्मीर ने 4 बड़ी शहरी विकास परियोजनाएं शॉर्टलिस्ट की हैं। इनकी कुल अनुमानित लागत 1990.37 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र से 495.86 करोड़ रुपये सहायता, केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा 486.12 करोड़ रुपये और 1008.38 करोड़ रुपये बाजार से जुटाए जाने का प्रस्ताव है।
मुख्य सचिव ने आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के साथ समन्वय कर परियोजनाओं की समय पर स्वीकृति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से जम्मू-कश्मीर के शहरों का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, सार्वजनिक सेवाएं बेहतर होंगी और निजी निवेश आकर्षित होगा।
शॉर्टलिस्ट की गई चार परियोजनाएं
1. दीवारों वाला शहर और निगीन लेकफ्रंट पुनरुद्धार : धरोहर संरक्षण के साथ पर्यटन बुनियादी ढांचा सुधारना।
2. तरंग-तवी क्षेत्र पुनर्जनन और हरित विकास परियोजना : तवी नदी तट और आसपास के क्षेत्रों का टिकाऊ विकास।
3. लिद्दर रिवरफ्रंट विकास : अनंतनाग को योजनाबद्ध शहरी विकास के केंद्र के रूप में विकसित करना।
4. कृपा-एकीकृत तीर्थ सुविधाओं से कटरा का कायाकल्प : कटड़ा में नागरिक सुविधाएं और आवागमन बेहतर बनाकर तीर्थ यात्रियों का अनुभव सुधारना।