कन्याकुमारी से कश्मीर तक सनातन जागरण राष्ट्र कल्याण यज्ञ यात्रा वीरवर को श्रीनगर के लाल चौक पर
श्रीनगर। आर्य समाज के सदस्यों ने वीरवार को श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर शांति, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव के लिए विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की। भक्तों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही जहां उन्होंने महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के शिक्षाओं से प्रेरित होकर एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक जागरण का संदेश दोहराया।
इस अवसर पर आर्य समाज के युग-प्रवर्तक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती जी की पूजा-अर्चना भी की गई। साथ ही, घंटाघर श्रीनगर में आर्य समाज की 150वीं स्थापना वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष पूजा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वैदिक सिद्धांतों को बढ़ावा देने और समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर नंद गारी गुरुजी ने कहा कि ये भारत की उन्नति और उत्थान के लिए हम यज्ञ करते आ रहे हैं। किसी ने कहा कि यज्ञन करने का क्या कारण है, ये यज्ञ की सुगंध सबके लिए लाभकारी होती है। श्रीनगर इसका मुख्य केंद्र है। यह आयोजन हमें महर्षि दयानंद सरस्वती जी के विचारों से जोड़ता है जो सदैव एकता और शांति का संदेश देते हैं। आज हम सब मिलकर प्रार्थना करते हैं कि कश्मीर और पूरे देश में अमन-चैन बना रहे। ये हवन सिर्फ हिंदुओं का नहीं है सबके धर्म में अलग-अलग तरह से रिवाज किया जाता है।