कारगिल विजय दिवस 2026 : देश की संप्रभुता के लिए सर्वोच्च बलिदान को किया याद
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कारगिल विजय दिवस 2026 के गौरवशाली अवसर पर सेना ने मंगलवार को देश के वीर सपूत और परमवीर चक्र (पीवीसी) से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा को उनकी असाधारण बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान के लिए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सेना ने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अदम्य साहस का परिचय देने वाले इस महान नायक के शौर्य को नमन किया। सेना के लोक सूचना अतिरिक्त महानिदेशालय (एडीजीपीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विशेष पोस्ट साझा की। सेना ने 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स के जांबाज अधिकारी कैप्टन विक्रम बत्रा, पीवीसी के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। सेना के इतिहास में कैप्टन विक्रम बत्रा को कारगिल युद्ध के सबसे चहेते और अग्रिम नायकों में से एक के रूप में याद किया जाता है।
उन्होंने कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्यौछावर करने से पहले रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण और दुर्गम पहाड़ी चोटियों को दुश्मन के कब्जे से मुक्त कराने में अद्वितीय वीरता का प्रदर्शन किया था। राष्ट्र के प्रति उनके इसी अदम्य साहस और बेमिसाल नेतृत्व के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा गया था।
भारतीय सेना की ओरसे दी गई यह श्रद्धांजलि देश भर में मनाए जा रहे कारगिल विजय दिवस 2026 के राष्ट्रव्यापी समारोहों का एक मुख्य हिस्सा है। इस पावन अवसर पर पूरा देश उन सभी जांबाज सैनिकों के साहस, बलिदान और वीरता को सलाम कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए मातृभूमि की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा की थी।
कैप्टन बत्रा का जीवन और उनका प्रसिद्ध उद्घोष आज भी हर भारतीय और सेना के जवानों के दिलों में देशभक्ति का जज्बा पैदा करता है।