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Srinagar News: जबलीपोरा मंडी में सेब उत्पादकों ने बकाया राशि का भुगतान न होने का लगाया आरोप

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- किसानों ने कृषि विभाग से मामले में दखल देने की लगाई गुहार
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। अनंतनाग जिले और आस-पास के इलाकों के सेब उत्पादकों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जबलीपोरा फल मंडी में फॉरवर्डिंग और कमीशन एजेंटों के पास उनकी बकाया राशि फंसी है। 2025 की फसल बिकने के पांच महीने बाद भी उन्हें उनके हक और मेहनत की कमाई के पैसे नहीं दिए जा रहे।
किसानों के समूह ने बताया कि उनके सेब की कंसाइनमेंट इस भरोसे के साथ बेचे गए थे कि संबंधित एजेंटों की ओर से 15 दिनों के अंदर पेमेंट कर दी जाएगी। बार-बार यह मामला उठाने के बावजूद भी बकाया भुगतान नहीं किया गया। किसान फारूक अहमद ने कहा, हमने अपने बागों में बहुत मेहनत की और अच्छी गुणवत्ता की फसल दी। हमें समय पर भुगतान का वादा किया गया था लेकिन पांच महीने बाद भी पेमेंट नहीं मिली। एक अन्य किसान ने कहा कि हम जो साल भर लगाते हैं, माल बिकने पर उसके वापस आने का इंतजार रहता है। अगर ऐसा ही हाल रहा तो हम कैसे अपना गुजर बसर करेंगे।
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उन्होंने आरोप लगाया कि मंडी में फूड यूनिट डिस्क्रिप्शन (एफ्यूडी) वाले कुछ फॉरवर्डिंग और कमीशन एजेंट अब उनके फोन उठाने से बच रहे हैं। बकाया राशि के बारे में पूछने पर जवाब नहीं दे रहे। किसानों ने जम्मू-कश्मीर के हॉर्टिकल्चर प्लानिंग एंड मार्केटिंग विभाग से दखल देने और किसान समुदाय के हितों की रक्षा करने की अपील की है। उन्होंने गलती करने वाले एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जिसमें आगे शोषण को रोकने के लिए उन्हें ब्लैकलिस्ट करना भी शामिल है।
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यह कहते हुए कि हॉर्टिकल्चर कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बागवानों ने चेतावनी दी कि पेमेंट में लगातार देरी से अगले सीजन की तैयारी करने की उनकी क्षमता पर बुरा असर पड़ेगा। अगर बकाया राशि का जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वे प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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