संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। नशा मुक्त भारत अभियान की जमीनी पहुंच को मजबूत करने की दिशा में गांदरबल प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वीरवार को इमामों, धर्मगुरुओं, नंबरदारों और चौकीदारों के साथ जिले भर से आए प्रतिनिधियों के लिए मिनी सचिवालय के कॉंफ्रेंस हॉल में संवेदनशीलता सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन की अध्यक्षता एडीसी सैयद फहीम बिहाकी ने की। जिसमें समुदाय की प्राथमिक आवाजों को एकत्र कर नशे और पदार्थों के दुरुपयोग की बढ़ती चुनौती का सामूहिक रूप से समाधान निकालने पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को याद दिलाया गया कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए समुदाय के हर क्षेत्र से सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है विशेष रूप से उन लोगों से जो स्थानीय स्तर पर विश्वास और प्रभाव के पदों पर हैं। अतिरिक्त उप-कमिश्नर ने जोर देकर कहा कि धार्मिक नेताओं और गांव स्तर के कार्यकर्ताओं की सार्वजनिक राय और व्यवहार को आकार देने में अविस्मरणीय भूमिका होती है। उन्होंने इमामों से अनुरोध किया कि वे अपनी शुक्रवार की प्रार्थनाओं और सामुदायिक बैठकों में जागरूकता संदेश शामिल करें।