- मंडलायुक्त ने की श्री अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के सुचारु और सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए मंडलायुक्त (डिवकॉम) अंशुल गर्ग ने बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि सहायता शिविर और लंगर सुरक्षित क्षेत्रों में ही लगाए जाएं।
डिवकॉम ने पवित्र गुफा की यात्रा के लिए तैयारियों का आकलन किया और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। उन्होंने बीकन की ओर से किए जाने वाले कार्यों की स्थिति का भी आकलन किया जिसमें बर्फ की सफाई, मरम्मत, और पहलगाम मार्ग पर ट्रैक चौड़ाई शामिल है। डिवकॉम ने समय पर बुनियादी ढांचे की तैयारियों पर जोर देते हुए रोड्स एंड बिल्डिंग्स विभाग को यात्रा बेस कैंप के आसपास सड़कों की मैकाडमाइजेशन, पार्किंग सुविधाओं और घोड़े स्टैंड के विकास को तेज करने और हेलिपैड की पुनर्स्थापना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पहलगाम और बालटाल धुरी के रास्तों में शिविरों के संबंध में डिवीजनल कमिश्नर ने गुणवत्ता, सुरक्षा और सौंदर्यशास्त्र के महत्व पर जोर दिया। आपदा तैयारी को मजबूत करने के लिए उन्होंने उपायुक्त अनंतनाग को संसाधनों के समन्वय और बाढ़-प्रवण क्षेत्रों का विस्तृत आकलन करने का निर्देश दिया ताकि शिविरों की सुरक्षित स्थापना और तीर्थ यात्रियों की नियंत्रित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। विभागीय आयुक्त ने बेस कैंपों की क्षमता और सुविधाओं की भी समीक्षा की। विभागों को पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपायों को बनाए रखने का निर्देश दिया जिसमें टेंट के बीच निर्धारित अग्नि अंतराल और फायर टेंडर व कर्मियों की तैनाती शामिल है। उन्होंने शिविरों और यात्रा मार्गों के साथ मजबूत स्वच्छता व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया और संबंधित विभागों को पूरे तीर्थयात्रा में सफाई सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा।
एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं, आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाएं
पंजीकरण पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी प्रक्रियाएं, यात्रियों और सेवा प्रदाताओं के लिए यात्रा के प्रारंभ होने से पहले पूरी की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने दोनों मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने का आह्वान किया। मंडलायुक्त ने सुरक्षा कर्मियों, तीर्थयात्रियों के परिवहन के लिए आरटीसी बसों की व्यवस्था, सार्वजनिक संबोधन प्रणाली और संकेतक स्थापित करना, समय पर मौसम अपडेट का प्रसार और आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए कहा। मंडलायुक्त ने टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया गया कि वे सभी मार्गों और शिविरों में निरंतर नेटवर्क कवरेज सुनिश्चित करें जिससे प्रभावी संचार संभव हो और आरएफआईडी-आधारित ट्रैकिंग सिस्टम सुचारु रूप से काम कर सके।
बैठक में अनंतनाग, बडगाम, गांदरबल, बांदीपोरा और श्रीनगर के उप-कमिश्नरों के साथ ही श्रीनगर नगर निगम के कमिश्नर और कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इनमें यूएलबी, एफसीएस एंड सीए, आरटीसी, आरटीओ, ग्रामीण स्वच्छता, एसएएसबी, केपीडीसीएल, आरएंडबी, पीएचई, आईएंडएफ, आयुष, बीकन, पशुपालन, श्रम, स्वास्थ्य, सूचना, अग्नि और आपातकालीन सेवाएं, आईएमडी, पर्यटन, एसडीए, पीडीए, वन, वन्यजीव, एसडीआरएफ, जिला एसएसपी, आईटीबीपी, एनएचआईडीसीएल, और नेशनल हाइवे अथारिटी सेवा प्रदाताओं जैसे जी-मैक्स, जियो, एयरटेल, और बीएसएनएल के प्रतिनिधियों ने भी उपस्थित थे।