- बोले-देश के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है, दर्शन करने तो आना ही था
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। समुद्रतल से 1000 फीट ऊंचाई पर स्थित प्राचीन शंकराचार्य मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तों की कतार लगी है। कश्मीर आने वाले पर्यटक यहां दर्शन करने पहुंच रहे हैं। यहां आए पर्यटकों ने कहा कि शंकराचार्य मंदिर देश के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है, दर्शन करने तो आना ही था।
महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां रविवार शाम से कार्यक्रमों का आगाज होगा। सोमवार को सुबह भव्य दिव्य आरती और अभिषेक होगा। श्रीनगर का शंकराचार्य मंदिर महाशिवरात्रि के आयोजन के लिए तैयार है। प्रशासनिक और मंदिर की व्यवस्थाएं हो चुकी हैं। वहीं कश्मीर घूमने आने वाले पर्यटक भी शंकराचार्य मंदिर के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को मंदिर में काफी पर्यटक नजर आए।
आज दर्शन करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से आए मयंक व्यास और अंजलि ने बताया कि वह तीन दिन पहले कश्मीर आए हैं। श्रीनगर के होटल में रुके हैं और वीरवार को सोनमर्ग घूमकर आए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर के महात्म्य के बारे में लोगों से सुना था आज दर्शन करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है। कश्मीर वाकई स्वर्ग जैसा सुंदर है। सोनमर्ग में बर्फ के नजारों की बात ही अलग थी। अब शनिवार को गुलमर्ग और रविवार को पहलागाम जाने का कार्यक्रम है। यहां आने के बाद कश्मीरियों के बारे में काफी जानने को मिला, कश्मीरी काफी अच्छे मेहमाननवाज हैं।
मंदिर के बारे में काफी सुना था
छत्तीसगढ़ के रायपुर से आए रवि और प्रिया ने बताया कि पहली बार कश्मीर आए हैं। शंकराचार्य मंदिर के बारे में काफी सुना था, इसलिए दर्शन करने आए हैं। गुलमर्ग और सोनमर्ग घूम चुके हैं अब पहलगाम जाने का कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि से पहले ही इतने प्राचीन और दिव्य मंदिर के दर्शन अपने आप में सौभाग्य की बात है।
कल भोर में होंगे अभिषेक और आरती
शंकराचार्य मंदिर के मुख्य महंत जैल सिंह ने बताया कि यहां हर साल साल महाशिवरात्रि का आयोजन काफी वृहद स्तर पर किया जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर 14 और 15 फरवरी को कार्यक्रम किए जाएंगे। शनिवार को शाम को पूजन, रविवार भोर में अभिषेक और आरती, उसके बाद भक्तों के लिए दिनभर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर धमार्थ ट्रस्ट की ओर से यह आयोजन कराए जाएंगे। प्रशासन का भी पूरा सहयोग है।