- प्रस्तावित नोटम वापस लिया गया, अक्तूबर 2026 तक सिर्फ रात में होगा मेंटेनेंस कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने आवश्यक मरम्मत और रखरखाव के लिए रनवे को पूरी तरह से बंद करने के अपने प्रस्तावित नोटम (नोटिस तो एयरमेन) को शनिवार को वापस ले लिया है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के श्रीनगर निदेशक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ऑपरेशंस अपडेट साझा करते हुए स्पष्ट किया कि इस साल श्रीनगर एयरपोर्ट को पूरी तरह से बंद नहीं किया जाएगा। उनके द्वारा किए गए पोस्ट में कहा गया है कि यात्रियों को सूचित किया जाता है कि इस वर्ष श्रीनगर हवाई अड्डे पर उड़ानों की पूरी तरह से बंदी नहीं होगी। हवाई अड्डे का संचालन सभी दिनों में जारी रहेगा और संचालन का समय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। हालांकि, रनवे के रखरखाव के लिए रात के समय की बंदी अक्तूबर 2026 तक जारी रहेगी।
प्रशासन ने आगे बताया कि सोमवार और मंगलवार को रनवे को पूरी तरह से बंद रखने का जो पिछला प्रस्ताव था, उसे अब वापस ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि एयरलाइंस मौजूदा परिचालन समय के अनुसार अपनी उड़ानों के शेड्यूल को अपडेट करना जारी रखेंगी। यात्रियों से अनुरोध है कि वे हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले संबंधित एयरलाइन से अपनी उड़ान की स्थिति की जांच कर लें और प्रामाणिक अपडेट के लिए केवल आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें।
इससे पहले, एअरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने रनवे के जरूरी मेंटेनेंस के लिए जुलाई से सप्ताह में दो दिन (सोमवार और मंगलवार) और फिर अक्तूबर में लगातार दो सप्ताह (15 दिन) के लिए हवाई अड्डे को पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया था।
हालांकि पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू से मुलाकात कर रनवे बंद होने का मुद्दा उठाया था। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया था कि यदि श्रीनगर हवाई अड्डे को बंद करना बेहद जरूरी है, तो उन 15 दिनों के दौरान नागरिक यातायात के लिए अवंतिपोरा के वैकल्पिक एयर फील्ड को खोला जाना चाहिए।
इन बैठकों के दौरान उमर अब्दुल्ला ने इस बात पर जोर दिया था कि अक्तूबर के महीने में पश्चिम बंगाल, गुजरात और महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर आते हैं। चिनार के पत्तों के सुनहरे होने के कारण इस मौसम को घाटी में गोल्डन कश्मीर कहा जाता है। इसके अलावा घाटी के पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने भी एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद करने के फैसले पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी जिसके बाद प्रशासन को अपना फैसला बदलना पड़ा।