- द्रास और सोनमर्ग में वाहन फंसे, पनीमथा इलाके से लेकर जोजिला दर्रे तक हटाई बर्फ
संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल/लद्दाख। ऊपरी इलाकों में तीन दिन भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह हाईवे शुक्रवार को चौथे दिन भी बंद रहा। इससे द्रास और सोनमर्ग इलाकों में सैकड़ों वाहन फंस गए।
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को जोजिला दर्रे पर भारी बर्फ जमा होने के बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। शुक्रवार को भी इसे खोला नहीं जा सका। जोजिला दर्रा कश्मीर को लद्दाख क्षेत्र से जोड़ने वाला प्रमुख पहाड़ी गलियारा है। लंबे समय से हाईवे बंद होने के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हुई है। सड़क की खराब स्थिति के चलते कई ट्रक और यात्री वाहन हाईवे के दोनों ओर रुके हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में मौसम की स्थिति में सुधार होने के बाद शुक्रवार को बर्फ हटाने का काम फिर से शुरू कर दिया गया है। हाईवे के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाले सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और प्रोजेक्ट विजयक ने जमा हुई बर्फ को हटाने और जल्द से जल्द यातायात बहाल करने के लिए स्नो कटर और अन्य भारी मशीनें तैनात की हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सड़क को जल्द से जल्द खोलने के लिए टीमों ने हाईवे के दोनों ओर से एक साथ बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। इस मार्ग के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक गुमरी सेक्टर में लगभग डेढ़ फीट बर्फबारी दर्ज की गई है। भारी मात्रा में बर्फ जमा होने से वाहनों के लिए खतरनाक स्थितियां पैदा हो गई थीं जिसके चलते अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर सड़क को बंद रखने का फैसला किया।
अधिकारियों ने बताया कि बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया गया है और पनीमथा इलाके से लेकर जोजिला दर्रे तक बर्फ हटा दी गई है। अब टीमें उन अन्य हिस्सों में काम जारी रखे हुए हैं जहां अभी भी भारी मात्रा में बर्फ जमा है। हाईवे का रणनीतिक और लॉजिस्टिक महत्व देखते हुए इसे फिर से खोलना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस साल मार्च महीने के अधिकांश दिनों में राजमार्ग चालू रहा था लेकिन अब यह फिर से बंद हो गया है। यह एक असामान्य घटना है क्योंकि आमतौर पर सर्दियों में खराब मौसम के कारण यह मार्ग अक्सर बंद ही रहता है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से कश्मीर के मैदानी इलाकों में लगातार बारिश होने के बाद स्थिति बदल गई है जिस कारण जोजिला सेक्टर के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है।