- राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए चुनी गईं प्रतिभाएं, पोखरीबल को प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित पोखरीबल वाटर स्पोर्ट्स सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय 12वीं यूटी कैनो स्प्रिंट, कयाकिंग और कैनोइंग चैंपियनशिप 2026 संपन्न हो गई। जम्मू-कश्मीर वाटर स्पोर्ट्स कयाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन की इस चैंपियनशिप में केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 150 से अधिक प्रतिभाशाली एथलीटों ने भाग लिया और अपनी खेल क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
एसोसिएशन के अनुसार, आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य जमीनी स्तर पर युवा और उभरती खेल प्रतिभाओं की पहचान करना, उन्हें एक प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराना तथा पूरे केंद्र शासित प्रदेश में कयाकिंग और कैनोइंग के विकास को गति देना था। विभिन्न आयु वर्गों और श्रेणियों में आयोजित इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। यह चैंपियनशिप आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए जम्मू-कश्मीर की टीम के चयन का एक अहम आधार बनी।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चयनित एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने हेतु विशेष कोचिंग और प्रशिक्षण शिविर में भेजा जाएगा। अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल, शारीरिक फिटनेस और खेल की रणनीतियों पर विशेष काम किया जाएगा।
समापन अवसर पर आयोजित पदक वितरण समारोह में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. रफ़ीक, अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स एथलीट बिलकिस मीर तथा एसोसिएशन के अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने पदक विजेताओं को सम्मानित किया और युवा खिलाड़ियों को खेल में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
जमीनी स्तर पर वाटर स्पोर्ट्स को मजबूत करने का संकल्प
एसोसिएशन ने दोहराया कि केंद्र शासित प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए ठोस प्रयास जारी रहेंगे। एसोसिएशन ने जोर देकर कहा कि विभिन्न जिलों के युवाओं को वाटर स्पोर्ट्स से जोड़ने के लिए नियमित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करने के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण और व्यवस्थित कोचिंग कार्यक्रम अनिवार्य हैं। खेल के बुनियादी ढांचे का उन्नयन किया जाएगा ताकि खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। श्रीनगर के पोखरीबल वाटर स्पोर्ट्स सेंटर को कयाकिंग और कैनोइंग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।