दोपहर की तेज धूप पर्यटकों के उत्साह को थोड़ा प्रभावित जरूर करती है, लेकिन शाम होते-होते चहल-पहल फिर लौट आती है। पर्यटक यहां सेल्फी लेते, फोटो खिंचवाते और आइसक्रीम का आनंद लेते नजर आते हैं। श्रीनगर का यह प्रमुख बाजार होने के कारण यहां स्थानीय खरीदारों के साथ-साथ पर्यटक भी बड़ी संख्या में कश्मीर की यादगार चीजें खरीदते दिखाई देते हैं।
यहां के दुकानदार रऊफ अहमद ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद पर्यटक आने बंद हो गए थे। अल्लाह का शुक्र है कि सीमा पर हालात सुधरे और सैलानी फिर लौटने लगे हैं। इस समय दक्षिण भारत से आए पर्यटक ज्यादा हैं। कुछ पर्यटक वही हैं जिन्होंने पहले से यात्रा की योजना बना रखी थी और अब अमन कायम होते ही आ पहुंचे हैं। नए पर्यटक फिलहाल कम ही हैं, लेकिन श्रीनगर की रौनक जरूर लौट रही है।
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डल झील के शिकारे अब भी सैलानियों की बाट जोह रहे हैं। एक शिकारा संचालक ने बताया कि गर्मी के इस मौसम में पहले यहां पैर रखने की जगह नहीं होती थी, लेकिन अब दिनभर में मुश्किल से 20-25 पर्यटक या परिवार आते हैं। हम दुआ करते हैं कि पर्यटक आएं ताकि जिंदगी और कारोबार फिर से पटरी पर लौटे।
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